सागवाड़ा-नगर में चातुर्मासरत आचार्य सुनील सागर जी महाराज की संघस्थ क्षुल्लिका अमेयमति माताजी का रविवार रात को समाधि मरण हुआ। क्षुल्लिका माताजी ने रात करीब 9.50 पर देह छोड़ी। क्षुल्लिका माताजी की सुबह में जैन बोर्डिंग से डोल यात्रा निकाली।
जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए छोटी नसियाजी पहुंची। जहां विधि विधान के साथ माताजीको मुखाग्नि दी।
एक परिचय क्षुल्लिका अमेयमति माताजी
क्षुल्लिका अमेयमति का पूर्व का नाम मीना जैन था। उनका जन्म 1935 में मध्य प्रदेश के बडऩगर उज्जैन में हुआ था। उनके पिता देव कुमार जैन और माता का नाम सुखी देवी जैन था। उनके ग्रहस्थ पति कैलाशचंद्र जैन थे। क्षुल्लिका माताजी ने 29 जनवरी 2012 में बोरीवली मुंबई में आचार्य सुनील सागरजी महाराज से क्षुल्लिका दीक्षा ली थी। रविवार को सुबह में ही आचार्य द्वारा उन्हें आर्यिका दीक्षा दी गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए छोटी नसियाजी पहुंची। जहां विधि विधान के साथ माताजीको मुखाग्नि दी।
एक परिचय क्षुल्लिका अमेयमति माताजी
क्षुल्लिका अमेयमति का पूर्व का नाम मीना जैन था। उनका जन्म 1935 में मध्य प्रदेश के बडऩगर उज्जैन में हुआ था। उनके पिता देव कुमार जैन और माता का नाम सुखी देवी जैन था। उनके ग्रहस्थ पति कैलाशचंद्र जैन थे। क्षुल्लिका माताजी ने 29 जनवरी 2012 में बोरीवली मुंबई में आचार्य सुनील सागरजी महाराज से क्षुल्लिका दीक्षा ली थी। रविवार को सुबह में ही आचार्य द्वारा उन्हें आर्यिका दीक्षा दी गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

