ग्वालियर-संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसने जीवन में कोई गलती नहीं की हो। लेकिन हमें किसी की गलती को मन में रखकर नहीं बैठ जाना चाहिए। जब तक हम मन की कटुता दूर नहीं करेंगे तब तक क्षमावाणी पर्व मनाने का कोई अर्थ नहीं। जैन धर्म हमें क्षमा करना सिखाता है। हमें भी रोजमर्रा की कटुता, कलुषता को भूल कर एक-दूसरे से माफी मांगकर गिले-शिकवे दूर कर लेने चाहिए। माफी करने वाला महान होता है। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चेंबर आफ कॉमर्स में आयोजित क्षमावाणी पर्व महोत्सव में कही।
श्री सिंधिया ने कहा कि दिल से मांगी गई क्षमा हमें सज्जनता और सौम्यता की और ले जाती है। हो सकता है जिसने गलती की हो वह हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो और हम उसकी जरा सी गलती के लिए माफ न करते हुए उसे खो दें। इसलिए हमें माफ करनेओर तुरंत माफी देने की आदत डाल लेनी चाहिए। जो हमें निश्चित ही बहुत ही ऊंचाइयों पर ले जाएगी। क्षमावाणी के इस पावन पर्व से समाज के हर व्यक्ति को प्रेरणा लेना चाहिए। क्षमावाणी पर्व को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। श्री सिंधिया ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे 8 वर्ष की आयु में जैन मंदिर के दर्शन कराए थे। मैं खुद भी जैन धर्म का प्रशंसक हूं। मैं यहां देश को धर्म, संस्कृति, प्रेम ओर क्षमा का जैन धर्म के अपने परिवार के बीच आया हूं। श्री सिंधिया ने मंच से सभी से हाथ जोड़कर क्षमा याचना की। इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि क्षमावाणी पर्व मन की सफाई का पर्व है। हमारे मन में सबके प्रति दया की भावना रखना चाहिए। क्षमावाणी का यह पर्व पूरे विश्व में जैन समाज के लोगों को अलग ही पहचान दिलाता है। आज देश में कितनी कटुता फैली है हर कोई चाहता है कि उसकी चले लेकिन जैन समाज सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मुन्नालाल गोयल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, कार्यक्रम संयोजक दिनेश जैन, चेंबर के मानसेवी सचिव प्रवीण अग्रवाल, डॉ. वीरेंद्र गंगवाल, प्रतिष्ठाचार्य पं. अजीत शास्त्री, जैन महिला परिषद की प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. आदर्श दीवान, पूर्व महाधिवक्ता आरडी जैन आदि उपस्थित थे।
साफा पहनाकर किया सम्मान
क्षमावाणी पर्व समारोह का शुभारंभ श्री सिंधिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। जैन समाज के लोगों ने श्री सिंधिया का साफा पहनाकर सम्मान किया। मंगला चरण मधु अजमेरा ओर महिला परिषद की महिलाओं ने किया। इस अवसर पर पं. अजीत शास्त्री ने क्षमावाणी पर्व का महत्व बताया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
श्री सिंधिया ने कहा कि दिल से मांगी गई क्षमा हमें सज्जनता और सौम्यता की और ले जाती है। हो सकता है जिसने गलती की हो वह हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो और हम उसकी जरा सी गलती के लिए माफ न करते हुए उसे खो दें। इसलिए हमें माफ करनेओर तुरंत माफी देने की आदत डाल लेनी चाहिए। जो हमें निश्चित ही बहुत ही ऊंचाइयों पर ले जाएगी। क्षमावाणी के इस पावन पर्व से समाज के हर व्यक्ति को प्रेरणा लेना चाहिए। क्षमावाणी पर्व को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। श्री सिंधिया ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे 8 वर्ष की आयु में जैन मंदिर के दर्शन कराए थे। मैं खुद भी जैन धर्म का प्रशंसक हूं। मैं यहां देश को धर्म, संस्कृति, प्रेम ओर क्षमा का जैन धर्म के अपने परिवार के बीच आया हूं। श्री सिंधिया ने मंच से सभी से हाथ जोड़कर क्षमा याचना की। इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि क्षमावाणी पर्व मन की सफाई का पर्व है। हमारे मन में सबके प्रति दया की भावना रखना चाहिए। क्षमावाणी का यह पर्व पूरे विश्व में जैन समाज के लोगों को अलग ही पहचान दिलाता है। आज देश में कितनी कटुता फैली है हर कोई चाहता है कि उसकी चले लेकिन जैन समाज सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मुन्नालाल गोयल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, कार्यक्रम संयोजक दिनेश जैन, चेंबर के मानसेवी सचिव प्रवीण अग्रवाल, डॉ. वीरेंद्र गंगवाल, प्रतिष्ठाचार्य पं. अजीत शास्त्री, जैन महिला परिषद की प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. आदर्श दीवान, पूर्व महाधिवक्ता आरडी जैन आदि उपस्थित थे।
साफा पहनाकर किया सम्मान
क्षमावाणी पर्व समारोह का शुभारंभ श्री सिंधिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। जैन समाज के लोगों ने श्री सिंधिया का साफा पहनाकर सम्मान किया। मंगला चरण मधु अजमेरा ओर महिला परिषद की महिलाओं ने किया। इस अवसर पर पं. अजीत शास्त्री ने क्षमावाणी पर्व का महत्व बताया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

