जबलपुर -तिलवाराघाट मे शनिवार को मांगलिक उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री ने कहा आज की विशेष मांग है कि जिन अभिभावकों ने अपनी बच्चियों को शिक्षण व संस्कार के लिये साहस करके समर्पित किया है। वे इस बात का स्मरण रखे कि वृक्ष मे एक मौसम में ही बोर आते है, बाद मे वे आम के रूप मे परिवर्तित हो जाते है। प्रतिभास्थली मे भी ऐसा ही है किसी मे वृक्ष पहले तो किसी मे कुछ समय बाद फल आते है।
आचार्य भगवन ने कहा जिन अभिवावकों में यह भाव आया है व अपने बच्चो को हमेशा के लिये समर्पित करेगे। यह एक अच्छी बात है, इससे जीवन धन्य होगा। इससे हज़ारो व्यक्तियों को प्रेरणा मिलेगी। इस तरह की अनुभूति बच्चियो का भविष्य बनाने वाली होगी। जो बच्चियां यह पढ़ी है, वे यही शिक्षिका बन जायेगी तो इससे बडी उन्नती होगी। जिन बच्चियो व माता पिता मे ऐसे संकल्प आये वे धन्य है।
आचार्य श्री ने शिक्षाप्रद उदगार प्रगट करते हुए कहा शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र मे संस्कारित बच्चियो का आगमन आवश्यक है। प्रतिभास्थली की बच्चियां अच्छे संकल्प के साथ अच्छे कार्य करेगी। कोन क्या कह रहा है, वे दूर की बात है।कोन अपनी और किस दृष्टि से देख रहा है,इसका महत्व है। कार्यकर्ता इसके लिये साधुवाद के पात्र है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमण्डी
आचार्य भगवन ने कहा जिन अभिवावकों में यह भाव आया है व अपने बच्चो को हमेशा के लिये समर्पित करेगे। यह एक अच्छी बात है, इससे जीवन धन्य होगा। इससे हज़ारो व्यक्तियों को प्रेरणा मिलेगी। इस तरह की अनुभूति बच्चियो का भविष्य बनाने वाली होगी। जो बच्चियां यह पढ़ी है, वे यही शिक्षिका बन जायेगी तो इससे बडी उन्नती होगी। जिन बच्चियो व माता पिता मे ऐसे संकल्प आये वे धन्य है।
आचार्य श्री ने शिक्षाप्रद उदगार प्रगट करते हुए कहा शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र मे संस्कारित बच्चियो का आगमन आवश्यक है। प्रतिभास्थली की बच्चियां अच्छे संकल्प के साथ अच्छे कार्य करेगी। कोन क्या कह रहा है, वे दूर की बात है।कोन अपनी और किस दृष्टि से देख रहा है,इसका महत्व है। कार्यकर्ता इसके लिये साधुवाद के पात्र है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमण्डी
