ग्वालियर-शुक्रवार को 11 मामलों में 500 से अधिक कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के करीबी रिश्तेदार और व्यापम में आरोपी रहे डॉक्टर गुलाब सिंह किरार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान ऐसे कॉलोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दियाा है, जिन्होंने नगरपालिका और ग्राम पंचायतों को डायवर्सन शुल्क चुकाए बिना अवैध तरीके से प्लॉट बनाकर बेचा है.
दरअसल भिंड जिले में नगरपालिका और ग्राम पंचायतों की अनुमति के बगैर ही डायवर्सन शुल्क चुकाए बिना खेतों में प्लॉट बना कर बेचने काम तेजी से चल रहा है. जिससे सरकार को करोड़ो रुपये के राजस्व का घाटा होता रहा है. 6 साल पहले एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाही की मांग की थी. जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 2012 में तत्कालीन कलेक्टर को सभी अवैध कॉलोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया था. लेकिन जिला प्रशासन ने हाइकोर्ट के आदेश का अभी तक पालन नहीं किया.
ऐसे में याचिकाकर्ता ने एक बार फिर याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की अवमानना की बात कही. हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया, साथ ही कलेक्टर से 72 घंटे के अंदर अवैध कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई करने की बात कही.
जिसके बाद आनन-फानन में शुक्रवार को 11 मामलों में 500 से अधिक कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के करीबी रिश्तेदार और व्यापम में आरोपी रहे डॉक्टर गुलाब सिंह किरार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है.