युवा मतदाता को हल्के में न ले प्रत्याशी,ये भी पलट सकते है फैसला

भोपाल। आगामी विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों को महिला वोटर और युवाओं को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। डोर टू डोर बीएलओ सर्वे के बाद जिले में मतदाता की जो सूची फाइनल तैयार हुई है उसमें महिला वोटर की संख्या के साथ 18 से 21 साल के युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
मध्य प्रदेश में 2018 के चुनाव का बिगुल बाजने को तैयार है।
उत्तर में महिला का जेंडर रेशियो प्रति हजार पुरुष मतदाता पर 946 पहुंच गया है। जबकि 2013 के चुनावों में ये रेशियों 849 था। कुछ ऐसी ही स्थिति 18 से 21 साल के युवाओं की भी है। 2018 के सर्वे में दो लाख से ज्यादा युवाओं के नाम भी जुड़े हैं। ऐसे में यहां ये कहना गलत नहीं होगा कि प्रत्याशियों के हार जीत के फैसले में इनका भी अहम रोल रहेगा।

बीएलओ के डोर टू डोर सर्वे के बाद जिले की जनसंख्या का आंकड़ा 2857512 निकल कर आया है। इसमें से वोटर लिस्ट में 18 लाख 54 हजार 847 वोटर्स मतदान करेंगे। जिसमें 9 लाख 76 हजार 99 पुरुष और 8 लाख 78 हजार 583 महिला वोटर्स शामिल हैं।

वर्ष 2008 और 2013 के बाद इस वर्ष के सर्वे में ये अंतर देखने को मिला है कि पहले महिला खुद अपना नाम कम ही वोटर लिस्ट में जुड़वातीं थीं, लेकिन अब वे खुद आगे आकर अपना नाम जुड़वा रहीं हैं। यही स्थिति 18 से 21 साल के युवाओं के साथ है। दोनों वर्ग पहले के मुकाबले ज्यादा एक्टिव हो गए हैं। जिसका असर चुनावों में देखने को मिलेगा।

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