विधान से दूर होते हैं संकट, जीवन में आती खुशहाली विज्ञाश्री माताजी


सरवाड-कस्बे में सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में विज्ञाश्री माताजी के सान्निध्य में सहस्त्रनाम विधान विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ। इस दौरान समाज के महिला-पुरुषों द्वारा मंत्रों का उच्चारण करते हुए जाप किया गया।
माताजी विज्ञाश्री के अनुसार विधान का महत्वपूर्ण उद्देश्य आधी व्याधि रोग व संकट-क्लेश आदि से बचना है। इस मौके पर माताजी ने समाज के लोगों से कहा कि इस प्रकार से साल में एक बार अवश्य मंदिर में विधान का आयोजन कराएं जिससे प्रत्येक परिवार में शांति कायम रहे। समाज में एकता, अखंडता व सहिष्णुता कायम रहने पर ही इस प्रकार के विधान संपन्न हो पाते हैं। माताजी ने विधान के माध्यम से महिलाओं को सुभाशीष के साथ मंगल कामना का संदेश दिया। विधान सम्पन्न होने पर आदिनाथ नवयुवक मंडल के तत्वावधान में गणपति आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में माताजी की ससंघ की आहार चर्या संपन्न हुई।
इस मौके पर नवयुवक मंडल सदस्यों ने नववर्ष की महिमा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस प्रकार का धर्म कार्य भी युवाओं के संहयोग में आना चाहिए। इस दौरान त्रिशला महिला मंडल की सभी महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर आहार चर्या में भाग लिया। आहार चर्या संपन्न होने के बाद ढोल बाजों की स्वर मधुर लहरियों के साथ अहिंसा परमो धर्म की जय के उद्घोष के साथ नवयुवक मंडल द्वारा माताजी काे जुलूस के साथ आदिनाथ भवन लाया गया, जहां माताजी ने गणपति आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। माताजी ने सभी को शाकाहारी जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया।
             संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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