राजनीतिक हलचल-जौरा बिधानसभा क्षेत्र में इन दिनों चुनावी तैयारियों का आगाज हो चुका है । सबकी नजर हाथ व हाथी के मेल पर टिकी हुई है । हाथ व हाथी के राजनेता कई बार सिर भिड़ाकर बैठ चुके है! लेकिन सीटो के बँटवारे पर सहमति नही बन पाई है! हाथी दल के नेताओँ ने इस तरह की खबरों को ख़ारिज कर दिया है और अपनी दम पर चुनाव में उतरने की तैयारिया प्रारम्भ कर दी है ! लेकिन हाथ बाले अभी भी बड़ी ताकत से यह कहते हुए घूम रहे है कि हमारा हाथी से मिलन हो गया है । राजनैतिक कारणों एवं चुनावी रणनीति के मुताविक उचित समय आने पर इसकी सार्बजनिक घोषणा कर दी जायेगी!
हम बात कर रहे है मुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र की यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण बिधानसभा क्षेत्र है । इस क्षेत्र के मतदाताओं ने 2013 में पहली बार कमल खिलाया था इससे पहले सभी दलों के राजनेताओ को क्षेत्र की जन सेवा करने का अबसर प्रदान किया ।
नबम्बर 2018 के होने बाले बिधान सभा चुनाव में इस क्षेत्र से किस पार्टी का उम्मीदवार बिजयी होगा फिलहाल यह कह पाना मुश्किल है लेकिन जिस तरह से राजनैतिक पार्टियो की चुनाबी तैयारिया चल रही है उसमे सभी पार्टी एक दूसरे से आगे दिखाई दे रही है । अब हम बात करे कांग्रेश पार्टी की तो इसकी भी चुनाबी तैयारी है लेकिन बूथ लेबल पर इस पार्टी पर कार्यकर्ता नहीं है लेकिन दावेदार अपनी ताल ठोक रहे हैं । अब हम बहुजन समाज पार्टी की ओर अपना ध्यान आकर्शित करें तो यह पार्टी भी पूरी चुनावी तैयारी में नजर आ रही है क्योंकि यहाँ से 2008 में बहुजन समाज पार्टी के मनीराम धाकड़ विधायक रहे हैं । बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ कार्य करने में लगे हुए है ! लेकिन 2018 का ऊंट किस करबट बैठेगा यह तो तभी कहना सम्भव होगा जब सभी राजनैतिक दल अपने अपने उम्मीदबार घोसित कर देगे । अभी तो अपने अपने राजनैतिक दल से नेता टिकट लेने की जुगाड़ में लगे हुए है लेकिन टिकट की बाजी कौन मारेगा यह तो आने बाला भबिष्य ही बताएगा !