जज्बा : वर्ल्ड रिकॉर्ड की चाह में 13 साल के पर्युष ने 5 दिन में लिख दी किताब, प्रकाशन के पहले ही दिन ऑनलाइन बिकी

सागर -वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की चाह में 13 साल के पर्युष जैन ने महज 5 दिनों में ही एक किताब लिख डाली। इसके प्रकाशन के लिए नोशन पब्लिकेशन चेन्नई को भेजा तो वहां से न सिर्फ स्वीकृति मिली बल्कि किताब छपकर मार्केट में भी आ गई। कोविड 19 ए सक्सेस स्टोरी ऑफ इंडिया नाम की यह किताब अब अमेजन पर भी ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है। अंकुर कॉलोनी निवासी पर्युष ने बताया कि मैं यूट्यूब चैनल भी चलाता हूं। मुझे एक दिन ऐसा लगा कि मैं किताब लिखूं, ऐसा करने से मेरा नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आ जाएगा। काफी सोचने के बाद मैंने पाया कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी की विभीषिका चारों ओर व्याप्त हैं। लोग परेशान हैं। पिछले वर्ष कोरोना महामारी ने हर वर्ग को झकझोर दिया था। इसीलिए मैंने कोविड-19 पर ही पुस्तक लिखने का निर्णय लिया। उसे भेजा भी ऐसे प्रकाशन को जो अब तक 30 हजार से ज्यादा किताबें प्रकाशित कर चुका है। किताब प्रकाशित हुई तो मैंने गिनीज बुक के लिए नाम दर्ज करने की प्रोसेस गूगल से जानी। इसी दौरान मुझे पता चला कि महज 4 साल की उम्र में एक बच्चे ने किताब लिखी है और उसके नाम पर सबसे कम उम्र में बुक लिखने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि मुझे अब रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने का मलाल तो नहीं है पर मैंने अब अपनी दूसरी किताब भी लिखना शुरू कर दी है। उम्मीद है कि इसी दौरान कुछ ऐसा करूंगा कि मेरा नाम एक दिन जरूर वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में आएगा। पर्युष जैन मिलन मकरोनिया के संरक्षक राकेश जैन छुल्ला के बेटे हैं। वर्तमान में सेंट जोसफ कान्वेंट स्कूल में कक्षा 9वीं के छात्र हैं।
             संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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