अधिकतम 46 जैन सांसद थे, पिछले साल दो रह गए, इस साल एक को भी टिकट नहीं प्रमाण सागर जी



खरगाेन-पावागिरी ऊन से विहार कर जैन संत प्रमाणसागरजी एवं विराटसागर जी महाराज का सुबह 7.30 बजे शहर में मंगल प्रवेश हुआ। खरगोन जैन समाज ने उनकी अगवानी की। जगह-जगह मुनिश्री का पाद प्रक्षालन कर आरती की गई। सुबह की आहार चर्या में श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति प्रदर्शित की। उनके बहुचर्चित शंका समाधान  में ऊन में अंजड़ के जुगल पाटनी ने सवाल पूछा- लोकसभा में जैन सांसदों की कमी होती जा रही है, ऐसा क्यों। मुनिश्री ने कहा यह चिंतनीय विषय है। एक समय लोकसभा में अधिकतम 46 जैन सांसदों का प्रतिनिधित्व था। पिछली लोकसभा में दो सांसद ही रह गए थे। इस बार किसी भी राजनीतिक दल ने एक भी जैन को टिकट नहीं दिया। देखा जाए तो जैन समाज सर्वाधिक कर सरकार को देते हैं। हमेशा राष्ट्रीय चिंतन की बात करते हुए अपनी बात अहिंसक तरीके से रखते हैं। समाज को दल व सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। खरगोन सकल जैन समाज अध्यक्ष विनोद जैन ने बताया इस संबंध में राजनीतिक चेतना मंच की बैठक दिल्ली में निर्णय लिया कि जैन सांसदों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है तो नोटा के खुले विकल्प की तरफ जाना होगा।
तृप्त नहीं हो सकता मनुष्य
खरगोन में शाम को 4:30 बजे मुनिश्री का बहुचर्चित कार्यक्रम शंका समाधान कार्यक्रम टैगोर पार्क मंदिर के पास हुआ। यहां प्रवचन में प्रमाणसागरजी ने कहा- अतृप्ति मतलब प्यास, पीड़ा आतुरता, परेशानी। आसक्ति पर अंकुश नहीं रखोगे तो अतृप्त बने रहोगे। मनुष्य चाहे कितना भी बड़ा हो जाए, वह तृप्त नहीं होगा।
           संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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