अभिषेक जैन खुरई -प्राचीन जैन मंदिर में प्रवचन देते हुए मुनिश्री पवित्र सागरजी महाराज ने कहा कि श्रीऋषभ देव, श्री महावीर, श्रीराम, श्रीकृष्ण जैसे महापुरुष एक व्यक्ति की भांति जन्मे पर उन्होंने अपने व्यक्तित्व को ऐसा निखारा कि आज पूरी मानवता के लिए आदर्श बन गए, हम सबके पूज्य बन गए। हम उन्हें महान रूप में पूजते हैं। उसी तरह अगर हम दूसरी तरफ जाते हैं तो रावण, कंस और मारीचि जैसे जीव भी इस धरती पर हुए जिन्होंने अपना जीवन ही बर्बाद कर लिया जो पूरी मानव जाति के लिए कलंक बन गए।
ऊंचे उठ जाओ पर नम्र रहो, नम्रता मत छोड़ो
मार्मिक उपदेश देते उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म भी हमारे लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। हम प्रेरणा लेना चाहें तो उनसे एक सीख ले सकते हैं कि जीवन में कितने भी ऊंचे उठ जाओ पर नम्र बने रहो, नम्रता को मत छोड़ो। वह नम्रता की प्रतिमूर्ति थे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी