राजनीतिक हलचल-भाजपा ने अपनी सूची में करीब करीब नाम घोषित कर दिए हैं जिसमें कई नेता पुत्रों के नाम हैं तो कैबिनेट मंत्री माया सिंह मामी जी को घर बिठा दिया है उनकी जगह सतीश सिकरवार को मैदान में उतारकर अपनी एक सीट पर जीत पक्की कर ली है । सतीश को लेकर हमने कल ही खबर दी थी कि "बडे भाई के लिए छोटा भाई कर सकता है राजनीतिक त्याग" और ये खबर सच साबित हुई है । आज हमारे राजनीतिक संवाददाता के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पोहरी से भाजपा की ओर से दावेदारी पेश कर रही भाजपा नेत्री डॉ. सलोनी सिंह धाकड़ के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने की खबर है और यदि ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर भाजपा के संकट के बादल घिर सकते हैं ।
विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने की तारीख शुरू हो गई और इस समय दल - बदल की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी ला दी है । दावेदार भोपाल से लेकर दिल्ली तक की मैराथन कर अपनी सीट तय करा चुके हैं । हर कोई आश्वस्त था कि उनके आका और पार्टी उन्हीं पर भरोसा करेंगे लेकिन क्या होगा ये स्क्रीनिंग कमेटी ने लिफाफों को खोलकर साफ़ कर दिया है ।
शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है क्योंकि यहाँ हर एक दल के बड़े बड़े नेता अपने अपने पैंतरे चलने की कोशिश करते रहे हैं और यहाँ मुकाबला त्रिकोणीय होना है फिर चाहे दल की नज़र से देखें या फिर जातिगत आधार पर ,इस बार भी यही होना है । पार्टी द्वारा कि चेहरा बदला जाए या नहीं ,और अब फिर एक बार भाजपा ने प्रहलाद भारती पर ही भरोसा जताकर फिर मैदान में भेज दिया है लेकिन अभी इस समस्या का समाधान हुआ नहीं है क्योंकि कमल दल से दावेदारी कर रहे कैलाश कुशवाह ने हाथी की सवारी कर ली और पार्टी के गणित को बिगाड़ दिया ,और अब सलोनी सिंह भी निर्दलीय हुई तो और भी मुसीबत, इसके अलावा भटनावर वाले पंडित जी ने तो पूर्व में ही निर्दलीय लड़ने की खबर सामने आई थी साथ साथ शिबपुरी वाले पंडित जी के भी पत्ते खुलना बाकी है