चुनावी गर्मी- जो कभी नहीं दिखे वो भी निकल आये बिल से

राजनीतिक हलचल-मप्र विधानसभा चुनावों की हलचल अब तेज हो गई है। मतलबी भी अब चुनावी सुगबुगाहट को देख बिलों से बाहर निकलने लगे है। इन मेंढकों का सिर्फ एक ही मकसद है दूसरों के खेल को बिगाड़ना।
हां यह खबर बिल्कुल सही है कि अब प्रदेश में चुनावी हलचल बढ़ गई है। बड़े-बड़े न्यूज चैनल जहां चुनाव पूर्व के सर्वों में व्यस्त है। वहीं अब चुनावी चौपालें और नुक्कड़ सभायें भी जल्द ही देखने को मिलेंगी।
चुटकुलों के बीच जनता वोट मांगने आने वाले नेताओं का स्वागत भी करेगी। इसके अलावा अब चुनावी मतलबी भी बिलों से बाहर निकलने लगे है। अब आप पूछेंगे ये मतलबी कौन है तो हम आपको बताते चलें कि जो नई छोटी-छोटी पार्टियां व निर्दलीय लड़ने वाले नेता चुनाव के समय बाहर आते है उन्हें ही चुनावी मतलबी कहा जाता है।
वह भी धीरे-धीरे अपने बिलों से बाहर निकलने लगे है और चुनावों में ताल ठोंकने के लिए तैयार है। इनका काम सिर्फ दूसरों का खेल बिगाड़ना और सरकार उनके बिना न गठित हो सकें इसके लिए उतारू रहते है। वहीं चुनावों की हलचल तेज होने से राजधानी तो बेहद गर्म है ।

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