- *समिति अध्यक्ष भोला उर्फ राजेश दुबे समेत कई लोग ग्वालियर रेफर, वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाया*
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शिवपुरी/करैरा। नगर के बगीचा मंदिर परिसर में शुक्रवार को पूजा-अर्चना को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मंदिर परिसर में दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, वहीं तलवार से हमले के भी आरोप लगाए गए हैं। घटना में राम मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष भोला उर्फ राजेश दुबे सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार ग्वालियर में जारी है। रविवार को घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
घायल भोला उर्फ राजेश दुबे ने आरोप लगाया कि उनके हाथ, पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं तथा शरीर पर तलवार के निशान भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि जब वह मंदिर परिसर पहुंचे तो वहां जाटव समाज के कुछ लोगों और महंत राजेंद्र गिरी के बीच विवाद चल रहा था। उन्होंने सभी पक्षों को समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि “सभी लोग एक हैं और सामाजिक भेदभाव नहीं होना चाहिए”, लेकिन बात नहीं बनी।
भोला दुबे के अनुसार, इसके बाद महंत राजेंद्र गिरी और उनके बुलाए सहयोगियों ने उन पर तथा उनके परिवार के लोगों पर तलवार, लाठी और डंडों से हमला कर दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पूर्व में महंत राजेंद्र गिरी की गतिविधियों की जानकारी करैरा थाना प्रभारी को दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण यह गंभीर घटना घटित हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने पहले संज्ञान लिया होता तो इस प्रकार की हिंसक वारदात टाली जा सकती थी।
*पूजा रोकने को लेकर बढ़ा विवाद*
फरियादी अखिलेश दुबे पुत्र स्व. नाथूराम दुबे, निवासी यादव मोहल्ला वार्ड क्रमांक 15 फिल्टर रोड करैरा ने घायल पक्ष के लोगों के साथ थाने पहुंचकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार बगीचा मंदिर परिसर में जनता के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण कराया गया था, जहां पूजा-अर्चना के लिए आनंद शर्मा एवं धर्मेंद्र शर्मा को नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व से स्थापित हनुमान मंदिर में राजेंद्र गिरी महाराज पूजा करते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि 9 मई को राम मंदिर के पुजारी आनंद शर्मा ने फोन कर सूचना दी कि कुछ लोग उन्हें मंदिर में पूजा करने से रोक रहे हैं। इसके बाद समिति अध्यक्ष भोला उर्फ राजेश दुबे, नीलेश दुबे, संतोष शर्मा, प्रिंस दुबे, कालीचरण और कपिल दुबे मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद धीरज यादव, रवि गुर्जर, महेश गुर्जर और सोनू गुर्जर से पूजा रोकने का कारण पूछने पर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि रवि गुर्जर ने सरिया से भोला दुबे पर हमला किया, जिससे उनके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे अखिलेश दुबे पर भी डंडे से हमला किया गया, जिससे उनकी उंगलियों में चोट आई और मोबाइल फोन टूट गया। वहीं सोनू गुर्जर द्वारा नीलेश दुबे तथा धीरज यादव द्वारा कालीचरण की मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा कल्लू पाल बाबा एवं अन्य अज्ञात लोगों पर कपिल दुबे, संतोष शर्मा, प्रिंस दुबे, आनंद शर्मा और धर्मेंद्र शर्मा के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं।
*पुलिस ने पांच नामजद सहित अज्ञात पर दर्ज किया मामला*
पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर करैरा थाना पुलिस ने धीरज यादव निवासी कालीपहाड़ी, रवि गुर्जर निवासी छिरारी, महेश गुर्जर निवासी छिरारी, सोनू गुर्जर निवासी लंगूरी, कल्लू पाल निवासी करैरा सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हालांकि पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि घटना में महंत राजेंद्र गिरी एवं रामवरण गुर्जर की भूमिका होने के बावजूद उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। पीड़ितों का कहना है कि रामवरण गुर्जर हाल ही में जमानत पर बाहर आया है।
*वीडियो वायरल, क्षेत्र में तनाव का माहौल*
घटना के वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। वीडियो में मंदिर परिसर में अफरा-तफरी और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
