बूंदी-मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने चौगान जैन मंदिर में शनिवार को प्रवचन देते हुए कहा कि आज भारतीय अमेरिका, लंदन में जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रत्येक भारतीय को अपने देश में ही शिक्षा लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैने सिलोर की माटी को पहचाना है, जिसका प्रमाण-पत्र मिल गया है। नाहर का चौहटा जैन मंदिर की अतिशयकारी मूर्तियों को देख मन गदगद हो गया। जहां की मूर्तियां है वहां ही विराजमान होना चाहिए।
शीलोदय तीर्थ एक अंतरराष्ट्रीय जैन तीर्थ स्थल होगा।
मुनि श्री ने कहा कि प्यासा कुएं के पास जाता है न कि कुआं पहुंचता है। उन्होंने कहा कि सच्चे देव शास्त्र गुरु को समझने के लिए जन्म-जन्म भी लग जाते हैं।
मुनि श्री ने बूंदी का आशय बताया
मुनि श्री ने बूंदी का मतलब बताते हुए कहा कि हमें बिखर कर नहीं संगठित बनकर रहना होगा। मधुवन कॉलोनी, देवपुरा के समाज के साथ समस्त जैन समाज से कहा कि जहां हम रहेंगे वहां गुरु नहीं। जहां गुरु रहेंगे वहां हम रहेंगे का आह्वान किया। जैन एकता मंच के प्रवक्ता अभय जैन ने बताया कि जैन चौगान जैन मंदिर में दोपहर 3 से 4 बजे तक शंका समाधान का कार्यक्रम हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
उन्होंने कहा कि मैने सिलोर की माटी को पहचाना है, जिसका प्रमाण-पत्र मिल गया है। नाहर का चौहटा जैन मंदिर की अतिशयकारी मूर्तियों को देख मन गदगद हो गया। जहां की मूर्तियां है वहां ही विराजमान होना चाहिए।
शीलोदय तीर्थ एक अंतरराष्ट्रीय जैन तीर्थ स्थल होगा।
मुनि श्री ने कहा कि प्यासा कुएं के पास जाता है न कि कुआं पहुंचता है। उन्होंने कहा कि सच्चे देव शास्त्र गुरु को समझने के लिए जन्म-जन्म भी लग जाते हैं।
मुनि श्री ने बूंदी का आशय बताया
मुनि श्री ने बूंदी का मतलब बताते हुए कहा कि हमें बिखर कर नहीं संगठित बनकर रहना होगा। मधुवन कॉलोनी, देवपुरा के समाज के साथ समस्त जैन समाज से कहा कि जहां हम रहेंगे वहां गुरु नहीं। जहां गुरु रहेंगे वहां हम रहेंगे का आह्वान किया। जैन एकता मंच के प्रवक्ता अभय जैन ने बताया कि जैन चौगान जैन मंदिर में दोपहर 3 से 4 बजे तक शंका समाधान का कार्यक्रम हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
