शिवपुरी, -जिला उपार्जन समिति द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मोटे अनाज (ज्वार एवं बाजरा) के पंजीयन 14 अक्टूबर तक किए जाएगें। उपजो के पंजीयन हेतु जिले में 11 संयुक्त पंजीयन केंद्रों का निर्धारण किया गया है। निर्धारित केन्द्रों पर पंजीयन का कार्य प्रातः 7 बजे से सायं काल 9 बजे तक किया जाएगा।
वन पट्टाधारी एवं सिकमी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल समिति स्तर पर होगी। वनाधिकारी पट्टाधरी/ सिकमीदारी किसानों को वन पट्टा एवं सिकी अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराना होगी। सिकमी/बटाईदार किसानों को उपार्जन हेतु अधिकतम अनुबंधित कुल रकवा 5 हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। साथ ही किसान पंजीयन में 15 अगस्त तक कराये गये सिकमी/ बटाईदार अनुबंध ही मान्य होंगे। ई-उपार्जन पोर्टल एवं एमपी किसान एप पर खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के अंतर्गत पंजीयन मास्टर में दो विकल्प उपलब्ध होंगे यथा- पूर्व से पंजीकृत किसान एवं नवीन किसान पंजीयन। जिन किसानों द्वारा विगत खरीफ/रबी उपार्जन में पंजीयन कराया गया था, ऐसे किसानों को पंजीयन हेतु दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
किसान के विगत वर्ष के पंजीयन में परिवर्तन/ संशोधन की आवश्यकता होने पर संबंधित दस्तावेज प्रमाण स्वरूप केन्द्र पर लेकर आना होंगे। जिन किसानों द्वारा विगत वर्ष पंजीयन नहीं कराया गया है, उन्हें पंजीयन हेतु समस्त आवश्यक दस्तावेजों- आधार नम्बर, बैंक खाता पास बुक, मोबाईल नम्बर एवं निर्धारित प्रारूप में आवेदन उपलब्ध कराना होगा। पंजीयन केंद्रों पर नियुक्त समिति के द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
वन पट्टाधारी एवं सिकमी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल समिति स्तर पर होगी। वनाधिकारी पट्टाधरी/ सिकमीदारी किसानों को वन पट्टा एवं सिकी अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराना होगी। सिकमी/बटाईदार किसानों को उपार्जन हेतु अधिकतम अनुबंधित कुल रकवा 5 हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। साथ ही किसान पंजीयन में 15 अगस्त तक कराये गये सिकमी/ बटाईदार अनुबंध ही मान्य होंगे। ई-उपार्जन पोर्टल एवं एमपी किसान एप पर खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के अंतर्गत पंजीयन मास्टर में दो विकल्प उपलब्ध होंगे यथा- पूर्व से पंजीकृत किसान एवं नवीन किसान पंजीयन। जिन किसानों द्वारा विगत खरीफ/रबी उपार्जन में पंजीयन कराया गया था, ऐसे किसानों को पंजीयन हेतु दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
किसान के विगत वर्ष के पंजीयन में परिवर्तन/ संशोधन की आवश्यकता होने पर संबंधित दस्तावेज प्रमाण स्वरूप केन्द्र पर लेकर आना होंगे। जिन किसानों द्वारा विगत वर्ष पंजीयन नहीं कराया गया है, उन्हें पंजीयन हेतु समस्त आवश्यक दस्तावेजों- आधार नम्बर, बैंक खाता पास बुक, मोबाईल नम्बर एवं निर्धारित प्रारूप में आवेदन उपलब्ध कराना होगा। पंजीयन केंद्रों पर नियुक्त समिति के द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
