बांसवाडा-बाहुबली कॉलोनी जिनालय में विराजित आर्यिका अर्हमश्री माता ने गांधी जयंती के एक दिन पहले दिए प्रवचन मे बच्चों और समाजजनों से कहा कि हमें इतना पता होना चाहिए कि हमारे लिए अच्छा और बुरा कौन है। अक्सर युवाओं के मन में एक प्रश्न उठता है। मेरे भी मन में कभी प्रश्न उठते थे हमारे लिए अच्छा कौन है और बुरा कौन है। यह सोचते सोचते बहुत वक्त गुजर जाता है और आदमी अच्छे बुरे का फैसला नहीं कर पाता है। जिसके पास बैठने से हमारे अंदर ताकत मिले, सोच सकारात्मक हो और कुछ करने का जज्बा जगने के साथ मन में अच्छे विचारों का जन्म हो, आत्मिक शांति का अनुभव हो हमारे व्यक्तित्व का परिचय हो। जिसके पास बैठने से हमारी सोई हुई संभावनाएं जागृत होने लगें तो समझना वह हमारे जीवन के लिए अच्छा आदमी है। जो हमें एक संबल और साहस देता है, जो हमें सही दिशा बता कर सत्य से परिचित कराता है। आत्मिक आनंद एवं आत्मिक शांति देता है वह हमारे लिए बहुत अच्छा है। बस यही अच्छे बुरे को परखने की कसौटी है। जाओ किसी संत के पास किसी महापुरुष के पास किसी एक एसे व्यक्तित्व के पास जहां जीवन में शांति सत्य के दर्शन हो समझ लेना, वही हमारे लिए बहुत अच्छा है। यह जानकारी पुलक चेतना मंच प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने दी
संकलन अभिषेक जैन लुहांडीया रामगंजमंडी
