बांसवाड़ा-बाहुबली कॉलोनी में विराजित आर्यिका रत्न अर्हम श्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के महत्व को ठीक से जाना और उसी के आधार पर भारत देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद करवाया। उन्होंने अपने जीवन में हिंसा का उपयोग नहीं कर उपवास कर शक्तिशाली अंग्रेजी साम्राज्य को हिला दिया और भारत देश में स्वतंत्रता के साथ लोकतंत्र की नींव रखी। गांधी ने भगवान महावीर के संदेश का पालन करते हुए अहिंसात्मक रूप से आंदोलन किए। जिसमें सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, स्वदेशी आंदोलन, दांडी यात्रा, नमक आंदोलन आदि शामिल रहे। उनका मानना यह था कि ऐसा कार्य करें जिससे देश बेरोजगारी ना रहे आैर लोग स्वावलंबी बनें। इसको लेकर चरखा चला कर धागा और उससे स्वदेशी वस्त्र बनाने की दिशा दी। चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने दी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
