जबलपुर -दयोदय तीर्थ पर शनिवार को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने कहा गांधी जी का कार्य, उनका त्याग सदैव हमारे बीच है। उन्होंने कहा आज का दिन अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया गया है। वैसे गांधीजी ने किसी भी दिन अहिंसा का समर्थन नहीं किया है। गाँधीजी के बाद अब उनकी बाते याद है, तब क्या इस देश में गांधीजी का व्यसन मुक्ति का नारा था उसे लागू किया जा सकता था।
आचार्य श्री ने कहा मैं स्वतंत्रता को महत्व तभी देता हूं जब गोवंश का वध रुक जाए मैं तब स्वतंत्रता को महत्व दूँगा, जब पहले की तरह दूध की नदियां बहे। देश में शराब के कुएं नही बनाए जा सकते। हमारा देश भारत लेकिन लोग कहते है अब इंडिया हो गया है।
आचार्य श्री ने कहा जिस देश में दुध का सेवन किया जाता था आज शराब का सेवन बढ़ा है। गांधी दिवस के दिन गाँधीजी की आत्मकथा जरूर पढनी चाहिए औऱ बच्चो को भी पढ़ाना चाहिए। यह भी देखिए कि आप बच्चो को विदेशों में क्यो भेज रहे है। गांधीजी की भी मान्यता थी कि सिर्फ पढ़ने से नही, देखने से सुनने से औऱ आचरण करने करने से अनुभव मिलता है।
संकलन अभिषेक लुहाडीया रामगंजमडी
