बच्चों को धर्म के लिए प्रेरित करना माता-पिता का कर्तव्य : विभाश्री माताजी




कोटा-सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ रथयात्रा महोत्सव का आगाज शनिवार को सुबह 7 बजे आर्यिका विभाश्री माताजी  ससंघ के सानिध्य में श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर रिद्धि सिद्धि नगर में हुआ। पंडित जितेंद्र शास्त्री के निर्देशन में घट यात्रा निकाली गई। जुलूस में उदयपुर का बैंड अपनी अलग पहचान के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। माता का जगह-जगह पाद प्रक्षालन, आरती हुई। जुलूस भ्रमण करता हुआ मंदिर पहुंचा।  जहा पंडित जी  के सानिध्य में ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। भगवान के अभिषेक हुए तथा शांति धारा की गई।
आर्यिका विभा श्री माताजी के प्रवचन हुये उन्होने कहा
आर्यिका विभाश्री जी  ने कहा कि प्राचीन कर्म के कारण वर्तमान में आपको फल मिलता है। कर्म बंध को छेदने के लिए जिनेंद्र भगवान की आराधना करें। पुण्यात्मा जीव अच्छे कार्य की अनुमोदना करते हैं। आप अपने बच्चों को संस्कारित करें। बच्चों को धर्म के लिए प्रेरित करना हर माता-पिता का कर्तव्य है। विधान में बैठने वाले सभी इन्द्र-इन्द्राणी का सकलीकरण प्रतिज्ञा कराया गया। मंडल प्रतिष्ठा के बाद सिद्धचक्र विधान की पूजा आरंभ हुई। शाम को गाजे बाजे के साथ सांवला परिवार के घर से महाआरती का आगमन हुआ। आर्यिका विनय श्री माताजी के सानिध्य में आनंद यात्रा का कार्यक्रम हुआ। जयपुर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। 24 मार्च से 30 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से अभिषेक, शांतिधारा, माता के प्रवचन, विधान पूजा तथा सांय मंगल आरती व सास्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 31 मार्च को विश्व शांति महायज्ञ होगा।
     संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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