हिंडोली-कस्बे में रविवार को मुनि पूंगाव श्री सुधासागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। कस्बे में जगह-जगह पर मुनि संघ का पाद-प्रक्षालन कर भक्तो ने आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद मुनिश्री के माली समाज छात्रावास में प्रवचन हुए।
पाप का अंत जरूर आता है :
माली समाज छात्रावास में प्रवचन देते हुए मुनि पूंगाव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि पाप का अंत जरूर आता है। रावण ने शिव भगवान से कितना ही आशीर्वाद प्राप्त कर लिया, लेकिन माता सीता का हरण करके जो पाप किया है उसका अंत श्रीराम ने रावण वध कर पाप को समाप्त किया। ईश्वर प्राप्ति के लिए रोज मनुष्य अपने शुद्ध मन से भगवान के दर्शन करें और और कोई गलत कार्य नहीं करें, जिससे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो। एक न एक दिन भगवान जरूर उनकी तरफ देखता है। शिष्य को गुरु का आशीर्वाद कैसे मिलेगा आज का युवा व्यसन में डूबा हुआ है। वर्तमान में गुरु से बढ़कर गुटखे को माना है। पुराने जमाने में गुरु के कहने पर शिष्य ने अपना अंगूठा काटकर दे दिया था, लेकिन आज के युग में नौजवानों को गुरु गुटखा छोड़ने के लिए कहे तो वो नहीं छोड़ेंगे, जिसको लेकर सुधासागर जी महाराज ने गुरु से बढ़कर गुटखे को बताया है।
मुनिश्री ने स्वच्छता और पर्यावरण पर बोलते हुए कहा कि हर व्यक्ति एक-एक पौधा लगाएं तो पर्यावरण शुद्ध रहेगा और जल संकट की स्थिति नहीं रहेगी।
भगवान के दर्शन के लिए हैं आंख और कान
धर्म सभा में कहा कि भगवान के दर्शन के लिए आंख-कान और धन धर्म कल्याण के लिए मिला है, जबकि लोग इन चीजों का गलत कार्य में उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा आज भी उत्कृष्ट हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
पाप का अंत जरूर आता है :
माली समाज छात्रावास में प्रवचन देते हुए मुनि पूंगाव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि पाप का अंत जरूर आता है। रावण ने शिव भगवान से कितना ही आशीर्वाद प्राप्त कर लिया, लेकिन माता सीता का हरण करके जो पाप किया है उसका अंत श्रीराम ने रावण वध कर पाप को समाप्त किया। ईश्वर प्राप्ति के लिए रोज मनुष्य अपने शुद्ध मन से भगवान के दर्शन करें और और कोई गलत कार्य नहीं करें, जिससे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो। एक न एक दिन भगवान जरूर उनकी तरफ देखता है। शिष्य को गुरु का आशीर्वाद कैसे मिलेगा आज का युवा व्यसन में डूबा हुआ है। वर्तमान में गुरु से बढ़कर गुटखे को माना है। पुराने जमाने में गुरु के कहने पर शिष्य ने अपना अंगूठा काटकर दे दिया था, लेकिन आज के युग में नौजवानों को गुरु गुटखा छोड़ने के लिए कहे तो वो नहीं छोड़ेंगे, जिसको लेकर सुधासागर जी महाराज ने गुरु से बढ़कर गुटखे को बताया है।
मुनिश्री ने स्वच्छता और पर्यावरण पर बोलते हुए कहा कि हर व्यक्ति एक-एक पौधा लगाएं तो पर्यावरण शुद्ध रहेगा और जल संकट की स्थिति नहीं रहेगी।
भगवान के दर्शन के लिए हैं आंख और कान
धर्म सभा में कहा कि भगवान के दर्शन के लिए आंख-कान और धन धर्म कल्याण के लिए मिला है, जबकि लोग इन चीजों का गलत कार्य में उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा आज भी उत्कृष्ट हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
