भोपाल- लोकसभा चुनाव में आर्दश आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में नीमच के विधायक दिलीपसिंह परिहार और नगरपालिका अध्यक्ष राकेश जैन को न्यायालय ने जेल भेज दिया गया है। दोनों नेताओं पर पूर्व में भी आचार सहिता के उल्लंघन के मामले दर्ज है। 23 मार्च को मंदसौर-जावरा संसदीय क्षेत्र से सुधीर गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया गया था। गुप्ता की उम्मीदवारी से अति उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विजय टाॅकिज चैराहे पर जमकर नारेबाजी की और आतिशबाजी शुरु कर दी। इस जश्न में विधायक दिलीपसिंह परिहार और नपा अध्यक्ष राकेश जैन सहित अन्य बड़े नेता भी शामिल हो गए। जश्न के दौरान उत्साही कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में नारे लगाते हुए वाहन रैली भी निकाली। यह घटनाक्रम सोश्यल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला निर्वाचन द्वारा गठित दल द्वारा ने केंट थाने पर विडियो रिकार्डिंग सहित एफआईआर दर्ज करवाई गई। जिसमें पुलिस ने विधायक परिहार, नपा अध्यक्ष जैन, भाजपा जिला महामंत्री संतोष चैपड़ा, जीतू तलरेजा, आयुष कोठारी सहित 25 अन्य को आरोपी बनाया था।
आज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा तीन आरोपियों को जमानत दे दी गई जबकि विधायक और नपा अध्यक्ष को 6 अप्रैल तक जेल भेजने के आदेश दिए।बीजेपी विधायक परिहार के खिलाफ गत विधानसभा चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन के दो प्रकरण दर्ज हो चुके थे, जिसमें उन्हें चेतावनी सहित सशर्त जमानत दी गई थी जबकि नपा अध्यक्ष जैन के खिलाफ भी एक प्रकरण दर्ज हुआ था।
इस मामले पर भाजपा नेताओं की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत आवेदन लगाया गया है जिस पर सुनवाई कल होगी।
आज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा तीन आरोपियों को जमानत दे दी गई जबकि विधायक और नपा अध्यक्ष को 6 अप्रैल तक जेल भेजने के आदेश दिए।बीजेपी विधायक परिहार के खिलाफ गत विधानसभा चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन के दो प्रकरण दर्ज हो चुके थे, जिसमें उन्हें चेतावनी सहित सशर्त जमानत दी गई थी जबकि नपा अध्यक्ष जैन के खिलाफ भी एक प्रकरण दर्ज हुआ था।
इस मामले पर भाजपा नेताओं की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत आवेदन लगाया गया है जिस पर सुनवाई कल होगी।