राजनीतिक हलचल-लगता है दिग्विजय, शिवराज से ही टक्कर का इंतजार कर रहे हैं, लड़ाई भोपाल में तो होगी लेकिन निगाहें पूरे देश की जमी रहेगी। मगर सवाल ये है कि भोपाल से बीजेपी का कैंडिडेट होगा कौन? प्रदेश में बीजेपी के सबसे बड़े नाम को दिग्विजय ने चैलेंज कर दिया है। उमा भारती और पीएम मोदी पर निशाना साधकर ये बता दिया है कि वो राजधानी चुनाव ही लड़ने आए हैं, ना कि वार-पलटवार करने।
सवाल ये है कि आखिर दिग्विजय की रणनीति क्या है? क्या शिवराज सिंह चौहान को चुनाव लड़ने के लिए उकसाया जा रहा है। आखिर वो शिवराज के 15 साल से अपने 10 के शासन पर बहस क्यों चाहते हैं। माने तो दिग्विजय सिंह का चैलेंज उनकी इमेज की ओर भी इशारा करता है। चुनौती स्वीकार करने के लिए वो जाने जाते हैं तो भोपाल में शिवराज से बड़ी चुनौती और क्या होगी।
इतना ही नहीं अगर शिवराज यहां लड़ते हैं तो उन्हें भी यहां वैसे ही डेरा डालना पड़ेगा जैसे दिग्विजय ने डाला है और ये बताने कि जरूरत नहीं है कि शिवराज के भोपाल में डेरा डालने के क्या नुकसान हैं। सवाल ये भी है क्या बीजेपी ये अफोर्ड करने के लिए तैयार है। जो भी हो, सवाल ये भी है कि क्या भोपाल में कांग्रेस का कार्यकर्ता बीजेपी से टक्कर लेने की स्थिति में है या फिर ये बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उमा भारती को भी जवाब है कि अगर साधारण कार्यकर्ता भी दिग्गी को हरा सकता है तो फिर शिवराज क्यों नहीं ?
