योगेन्द्र जैन पोहरी। सहायक रिटर्निंग अधिकारी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र-03 ग्वालियर तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमाकं-24 पोहरी एस.डी.एम. मुकेश सिंह के निर्देशन व तहसीलदार लालशाह जगेत, एवं स्वीप प्रभारी अनिल तिवारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोहरी के मार्गदर्शन में विगत निर्वाचन के दौरान कम वोटिंग प्रतिशत के चिन्हित मतदान केन्द्रों पर स्वीप गतिविधियों को गति दी रही है।
आगामी 12 मई को होने वाले मतदान में मतदाताओं का मत प्रतिशत बढ़ाए जाने के उद्देश्य से स्वीप दल प्रभारी श्याम बिहारी वर्मा द्वारा गाँव-गाँव जाकर लोकतंत्र में निर्वाचन के महत्व पर प्रकाश डाला जा रहा है। साथ ही मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ईवीएम-वीवीपैट मशीनों की कार्यप्रणाली के बारे में मशीनों पर मतदान का अभ्यास कराते हुए सविस्तार जानकारी दी जा रही है। मतदाता जागरूकता से संबंधित होने वाले परिवर्तनों को भी स्पष्ट किया जा रहा है।
मतदाताओं के वोट प्रक्रिया संबंधी सामान्य ज्ञान के लिए दल में पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों के कार्यों से भी एमटी दिनेश गुप्ता द्वारा मतदाताओं को अवगत कराया गया।
पीठासीन आधिकारी- निर्वाचन एवं दल से संबंधित संपूर्ण उचित दायित्वों का निर्वहन करते हुए किसी भी प्रकार की कार्यवाही को नियंत्रित करने की विधिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
मतदान अधिकारी क्रमांक 01- इनको मतदाता सूची (चिन्हित प्रति) का प्रभारी तथा बूथ पर मतदाता की पहचान के लिए नियुक्त किया जाता है। आपके नाम को चिन्हित प्रति में देखकर उच्चारण किया जाएगा। जिसे आप स्वयं एवं समीप बैठे हुए एजेन्ट सुन सकें। आपके द्वारा वीएलओ से प्राप्त पर्ची एवं वोटरकार्ड आदि कोई एक निर्धारित दस्तावेज साथ ले जाना होगा।
मतदान अधिकारी क्रमांक 02- यह अधिकारी अमिट स्याही, मतदाता राजिस्टर 17'ए' एवं मतदाता पर्ची के प्रभारी होते हैं। इनके द्वारा निर्धारित उँगली में नीले रंग की अमिट स्याही लगाई जाती है, मतदाता रजिस्टर 17'ए' पर आपके हस्ताक्षर अथवा अँगूठा निशानी ली जाएगी।
मतदान अधिकारी क्रमांक-03, यह कंट्रोल यूनिट (सीयू) के प्रभारी होते हैं। इनके द्वारा मतदाता से पर्ची प्राप्त करने के वाद वैलेट जारी किया जाता है। इसके वाद मतदाता द्वारा वूथ के अंदर जाकर वैलिट मशीन का नीला बटन दबाकर अपना वोट किया जाता है।
मतदाताओं को आगे जानकारी देते हुए एमटी गुप्ता ने कहा कि कोई भी वाहरी अनधिकृत व्यक्ति बूथ के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। मतदाता द्वारा वूथ के अन्दर अपने मोवाइल अथवा कैमरे से फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी नहीं की जा सकती। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित हो सकती है। कोई भी मतदाता बूथ के अन्दर किसी प्रत्यासी का नाम, क्रमांक अथवा पार्टी का चिन्ह जोर से बोलकर अपने मत की गोपनीयता भंग नहीं कर सकता। इस वार भी मतदान केन्द्रों पर बुजुर्ग एवं दिव्यांगजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मतदाताओं द्वारा ईवीएम से मत डालने की प्रक्रिया को बार-बार दुहराकर अपनी शंकाओं का समाधान किया गया।
आगामी 12 मई को होने वाले मतदान में मतदाताओं का मत प्रतिशत बढ़ाए जाने के उद्देश्य से स्वीप दल प्रभारी श्याम बिहारी वर्मा द्वारा गाँव-गाँव जाकर लोकतंत्र में निर्वाचन के महत्व पर प्रकाश डाला जा रहा है। साथ ही मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ईवीएम-वीवीपैट मशीनों की कार्यप्रणाली के बारे में मशीनों पर मतदान का अभ्यास कराते हुए सविस्तार जानकारी दी जा रही है। मतदाता जागरूकता से संबंधित होने वाले परिवर्तनों को भी स्पष्ट किया जा रहा है।
मतदाताओं के वोट प्रक्रिया संबंधी सामान्य ज्ञान के लिए दल में पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों के कार्यों से भी एमटी दिनेश गुप्ता द्वारा मतदाताओं को अवगत कराया गया।
पीठासीन आधिकारी- निर्वाचन एवं दल से संबंधित संपूर्ण उचित दायित्वों का निर्वहन करते हुए किसी भी प्रकार की कार्यवाही को नियंत्रित करने की विधिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
मतदान अधिकारी क्रमांक 01- इनको मतदाता सूची (चिन्हित प्रति) का प्रभारी तथा बूथ पर मतदाता की पहचान के लिए नियुक्त किया जाता है। आपके नाम को चिन्हित प्रति में देखकर उच्चारण किया जाएगा। जिसे आप स्वयं एवं समीप बैठे हुए एजेन्ट सुन सकें। आपके द्वारा वीएलओ से प्राप्त पर्ची एवं वोटरकार्ड आदि कोई एक निर्धारित दस्तावेज साथ ले जाना होगा।
मतदान अधिकारी क्रमांक 02- यह अधिकारी अमिट स्याही, मतदाता राजिस्टर 17'ए' एवं मतदाता पर्ची के प्रभारी होते हैं। इनके द्वारा निर्धारित उँगली में नीले रंग की अमिट स्याही लगाई जाती है, मतदाता रजिस्टर 17'ए' पर आपके हस्ताक्षर अथवा अँगूठा निशानी ली जाएगी।
मतदान अधिकारी क्रमांक-03, यह कंट्रोल यूनिट (सीयू) के प्रभारी होते हैं। इनके द्वारा मतदाता से पर्ची प्राप्त करने के वाद वैलेट जारी किया जाता है। इसके वाद मतदाता द्वारा वूथ के अंदर जाकर वैलिट मशीन का नीला बटन दबाकर अपना वोट किया जाता है।
मतदाताओं को आगे जानकारी देते हुए एमटी गुप्ता ने कहा कि कोई भी वाहरी अनधिकृत व्यक्ति बूथ के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। मतदाता द्वारा वूथ के अन्दर अपने मोवाइल अथवा कैमरे से फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी नहीं की जा सकती। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित हो सकती है। कोई भी मतदाता बूथ के अन्दर किसी प्रत्यासी का नाम, क्रमांक अथवा पार्टी का चिन्ह जोर से बोलकर अपने मत की गोपनीयता भंग नहीं कर सकता। इस वार भी मतदान केन्द्रों पर बुजुर्ग एवं दिव्यांगजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मतदाताओं द्वारा ईवीएम से मत डालने की प्रक्रिया को बार-बार दुहराकर अपनी शंकाओं का समाधान किया गया।
