*समस्त भारतवर्ष की जैन समाज से आग्रह है कि अभी इस वक्त संपूर्ण विश्व चीन के कोरोना वायरस की चपेट में चल रहा है इस अवसर पर सभी शाकाहार पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हम इस स्वर्णिम अवसर पर जब पूरा विश्व इससे प्रभावित है तो हम भारतीय रेलवे , एवं एयरलाइंस में यात्रियों की सुविधा के लिए शाकाहारी भोजन के लिए ज्ञापन अपने अपने स्तर पर जरूर दें। ओर मांसाहारी भोजन को पूर्णता के साथ बन्द कराने की अपील कर दे। यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है समस्त शाकाहारी यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ा काम हो जाएगा । हमेशा हमेशा के लिए मांसाहार भोजम बनना बन्द हो जाएगा। बहुत ही स्वर्णिम सुअवसर हमे मिला है इसका फायदा जरूर उठाना चाहिए। भारतीय संस्कृति मांसाहार की नही शाकाहार की है। शाकाहार ही सर्वोत्तम सर्वश्रेष्ठ आहार है जितने भी जीव जंतु है सभी को जीवन जीने का हक है यदि लोग उनको मार कर खायेंगे तो यह उनके साथ पाप अन्याय होगा। वन्य जीव , हवा, समुद्र पानी ,नदी ,वन उपवन ,पर्वत गुफा ,झरने सभी प्रकृति द्वारा मानव जाति को दिए गए अनुपम उपहार है । इनका सवर्धन संरक्षण सदैव करना चाहिए। प्रकृति से प्राप्त अनमोल धरोहरो के साथ खिलवाड़ करने पर ऐसी स्थिति आ गई है जब निरीह मूक जीवो की पुकार इंसान, सरकार शासन प्रसाशन सुनना बन्द कर देते है तो परमात्मा और प्रकृति सुनती है और जब परमात्मा व प्रकृति सुनते है तो फिर विकृति आती है और विकृति जब आती है तो अतिवृष्टि, अनावृष्टि, भुखमरी, महामारी सुनामी ,कोरोना वायरस जैसी विकृति आती है। जो संपूर्ण मानव जाति के लिए घातक हो जाती है अब हमें संपूर्ण सृष्टि वासियों को मांसाहार का संपूर्ण त्याग करके शाकाहार को ही अपनाना चाहिए।*
*प्रस्तुति*
*राष्ट्रीय संवाद दाता*
*पारस जैन "पार्श्वमणि" पत्रकार कोटा (राज)
