पोहरी- पोहरी नगर में बड़े ही धूमधाम से श्री 1008 सिद्ध चक्र महामण्डल विधान का समापन 1024 अर्घ्य के साथ हुआ
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में योगेन्द्र जैन पत्रकार ने बताया कि श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर में बड़े ही भक्ति भाव से श्री 1008 सिद्ध चक्र महामण्डल विधान का आयोजन जैन समाज द्वारा आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज के सानिध्य एव विधानाचार्य छोटू भैया जी के मार्गदर्शन में चल रहा था
जिसमें 1024 अर्घ्य बड़े ही धूम धाम के साथ सिद्ध भगवान की आराधना करते हुए अर्पित किए गए।
मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करता हुए कहा कि इतना बड़ा विधान करके हमे अपने जीवन मे कम से कम इतनी शिक्षा अवश्य लेनी चाहिए कि श्रीपाल को कुष्ठ रोग क्यों हुआ और विधान से ठीक क्यों हो गया इसके पीछे ऐसा लगता है कि अपने जीवन में श्रीपाल ने मुनि निंदा की लेकर शीघ्रता से क्षमा याचना की ओर इसलिए रोग भी कुछ समय बाद ठीक हो गया मतलब है अगर गलती से कुछ गलत हो जाए और जल्द क्षमा याचना करके उसको ठीक करना चाहिए और कम से कम इतना नियम अवश्य लेना चाहिए कि अपने जीवन में कभी भी मुनि निदा नहीं करें ।मुनियों की सेवा पूजा ना कर पाए तो कोई बात नहीं कम से कम निंदा से अवश्य बचे।अपने जीवन में भले ही समय कम हो। लेकिन सिद्धचक्र महामंडल विधान अवश्य करना चाहिए
यह सब अनुष्ठान अहिंसा धर्म की प्रभावना के लिए होते है लेकिन आज हमारी सरकार को एव प्रदेश की सरकार को क्या हो गया है एक तो आंगनबाड़ियों में कंट्रोल में माँस, अंडा एव माताओं बहनों को शराब की दुकान खुलवा रहे है।
ऐसी सरकार को जो अहिंसा धर्म के विरुद्ध जाती है उसको सत्ता में रहने का अधिकार नही है
हमारे भारत देश में हमेशा से ही अहिंसा धर्म की रक्षा हुई है जिन जिन देशों में हिंसा का साथ दी है वो देश का विनाश हो गया है।आज वर्तमान में देख लो कोरोना वायरस हिंसा का परिणाम है इस बात को विदेशी लोग तो समझ गए। लेकिन आज हमारी सरकार अंडा मछली मांस खाने को मजबूर कर रही है क्या हुआ हमारे देश का।
आज हम सबको इसके विरोध अभियान छोड़ना होगा। ताकि भारत देश में दया और अहिंसा फलती फूलती रहे और हम धार्मिक जीवन सुख शांति का अनुभव कर सकें
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आज निकाली जाएगी शोभायात्रा- पोहरी नगर में श्रीसिद्ध चक्र महा मंडल विधान की समापन के पाश्चत श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर से सुबह भगवान के अभिषेक शांति धारा पूजन के बाद विश्व शांति के लिए हवन किया जाएगा हवन के बाद 12 बजे बड़े ही धूम धाम से भगवान की शोभायात्रा नगर में निकाली जाएगी।
जैन समाज द्वारा बाहर से पधारे एव स्थानीय अतिथियो की भोजन की व्यवस्था जैन मंदिर किले अंदर की गई हैं जैन समाज ने सभी धर्म प्रेमी बंधुओ से शोभायात्रा ने शामिल होने की अपील की है।
