जबलपुर-आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा कि हर क्षेत्र मे विश्वास बहुत बड़ी वस्तु होता है,विश्वास हो तो सब संभव है। विश्वास के अभाव में श्वास होती है तो भी मृत्यु हो सकती है। विश्वास है तो साँस कितनी भी बची हो, अंतिम क्षण तक मुस्कान के साथ जिंदगी पूरी होती है।
आचार्य श्री ने कहा हर क्षेत्र में विश्वास आवश्यक है तो मोक्षमार्ग की राह में भी विश्वास ही आवश्यक है। पूरी दुनिया एक तरफ है लेकिन विश्वास की दुनिया एक तरफ कद छोटा या भगवान बाहुबली के बराबर विशाल। भगवान बाहुबली ने ऐसा कौनसा कार्य किया था जो तपस्या में 1 वर्ष तक निर्जल उपवास किया। उन्हें विश्वास था उन्हें कुछ नही होगा। इनकी निरोगी काया रही। यहाँ तक की विषधर जीव भी उनके शरीर मे रहते थे, लेकिन उन्हें नुकसान नही पहुंचा पाए। आज भी जो अचूक दवाएं है उन्हें रामबाण दवा कहा जाता है। यह विश्वास है कि राम के नाम की औषधि रोगों से मुक्त करेगी। कभी भी किसी भी ओषधि को रावण बाण नही कहा जा सकता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
