बेटा केंद्रीय मंत्री और माता - पिता अभी भी करते हैं खेती




दिल्ली-भाजपा ने राज्यसभा की खाली हुई सीटों के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। भाजपा ने मध्यप्रदेश कोटे से केंद्रीय राज्यमंत्री एल मुरुगन को उम्मीदवार बनाया है। मंगलवार को उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल किया। बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के माता पिता अभी भी खेतों में मजदूरी करते हैं। इतना ही नहीं जब पिछले दिनों हुए मंत्रिमंडल विस्तार में एल मुरुगन को नरेंद्र मोदी कैबिनेट में जगह दी गई तो उनके माता पिता को यह सूचना भी उनके पड़ोसियों ने ही दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और सूचना तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्यमंत्री का प्रभार संभाल रहे एल मुरुगन के पिता तमिलनाडु के ही नमक्कल जिले में खेतों में काम करते हैं। अपने बेटे की कामयाबी पर उनके माता पिता कहते हैं कि आज उसने जो मुकाम हासिल किया है वह उसकी मेहनत है। गरीब होने के बावजूद मुरुगन के माता पिता ने उनकी पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लोगों से उधार लेकर उन्होंने मुरुगन की पढ़ाई कराई।

मूल रूप से तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र के रहने वाले एल मुरुगन ने लॉ की डिग्री हासिल की है। उन्होंने चेन्नई के डॉ अम्बेडकर लॉ कॉलेज से लॉ में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से एम.ए की डिग्री हासिल की। उन्होंने मानवाधिकार कानूनों में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की है। पढ़ाई के दौरान ही मुरुगन संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए। लंबे समय तक एबीवीपी में काम करने के बाद उन्हें भाजपा में भेजा गया।

भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार मुरुगन को 2011 में हुए राज्य विधानसभा में टिकट दिया गया. दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एल मुरुगन को तमिलनाडु की सुरक्षित सीट राशिपुरम से चुनाव लड़ाया गय।. लेकिन उन्हें सिर्फ 1700 वोट हासिल हुए. इसके बाद साल 2020 में उन्हें तमिलनाडु भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। अध्यक्ष बनने से पहले वे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष थे।

केंद्र सरकार में मंत्री एल मुरुगन वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। इसलिए उनके मंत्री पद को बरक़रार रखने के लिए मध्यप्रदेश कोटे से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। एल मुरुगन ने पिछले दिनों कर्नाटक के राज्यपाल बने थावरचंद गहलोत के इस्तीफे की वजह से खाली हुई सीट पर नामांकन किया है। मुरुगन का राज्यसभा में आना तय है क्योंकि भाजपा को मध्यप्रदेश की विधानसभा में बहुमत प्राप्त है। वहीं विपक्षी कांग्रेस ने मुरुगन के सामने अपना उम्मीदवार भी नहीं उतारा है।
मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए एल मुरुगन के नामांकन के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि एल मुरुगन की संगठनात्मक दृष्टि से तमिलनाडु में बीजेपी संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश अध्यक्ष के नाते भी उन्होंने वहां काम किया है। मध्यप्रदेश का इस नाते भी सौभाग्य कि एक केंद्रीय मंत्री और मुरुगन जी के रूप में मिले हैं। निश्चित तौर पर मध्यप्रदेश के विकास में और यहां की जनता के कल्याण में एल मुरुगन बहुत अहम भूमिका का निर्वहन करेंगे।

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