आगरा - मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर श्री उज्ज्वल पाटनी के उदबोधन में में के उपरान्त अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने कहा पाटनी सर बोलते कहा आप लगभग 1.25 घण्टे से इन्हें मोटीवेट कर रहे थे। मैं चाहता हु यह मोटिवशन इनका सबका जीवन बदले ऐसा आशीर्वाद इन सभी को देता हूं। मुनि श्री ने कहा
,ओं अर्हं नमः की वाइब्रेशन को सारी दुनिया मे फैलाए, पॉजिटिविटी फैलेगी,आपको सफलता,सुख के साथ ,आपकी आत्मा भी purity को प्राप्त करेगी।
उन्होंनेकहा कि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी मेरे आदर्श, आचार्य श्री जी भी कभी प्रवचन के लिए नोट्स नही बनाते,मैने यह उन्ही से सीखा है,मेरे Icon है। महाराज श्री ने कहा -अपनी अहमियत, अपनी नेचर को पहचानिए,अपने को परखिए। अपने नेचर को पहचानने से आप अपनी habits चेंज भी कर सकते है।
आपके जीवन में value of expectations भी बहुत महत्वपूर्ण चीज है।कभी कभी आशा के विपरीत स्थिति सामने आ जाती है तो आप उसे स्वीकार करके ही हैन्डल कर सकते है,सहन कर सकते है,टॉलरेंट कर सकते है।जैसे कोरोना की थर्ड वेव न आ जाए बिजनेस फेल न हो जाए,फैमिली मे कुछ हो न जाए तो आप इस अनिश्चितता को स्वीकारे, निर्भय बने,प्रजेंट मे जीए,नेगेटिविटी हटाए,पॉजिटिविटी लाए।
उन्होंने अंत मे कहा जैन दर्शन मे, जैनेनिज्म मे कर्म के फल को स्वीकारना सिखाया है,सुख, दुःख सब सहजता से स्वीकार करो।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
