भोपाल-पिछले पांच माह में पांच राज्यों के मुख्यमंत्री बदलने वाली भाजपा ने गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का इस्तीफा दिलाकर अब नये मुख्यमंत्री की कवायद शुरू की है। अगले साल होने वाले गुजरात राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अब कतई भी रिस्क नहीं उठाना चाहती है, वह चेहरा बदलकर भाजपा नेताओं , कार्यकर्ताओं व जनता की नाराजगी को दूर करने की तुरूप चाल का उपयोग कर रही है।
इस तुरूप चाल का उपयोग पहले कांग्रेस करती थी, वह राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे बदलकर फिर से चुनावों में जाती थी, अब भाजपा ने भी यही तुरूप चाल अपना ली है। गुजरात के बाद अब राजनैतिक प्रेक्षकों की निगाह मध्यप्रदेश पर भी लग गई है।
राजनैतिक प्रेक्षक मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी , गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नडडा की तिकडी अब मध्यप्रदेश में भी यह दोहरा सकती है। हालांकि अभी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार सक्रिय होकर बेहतर काम करने की कवायद में लगे हैं, लेकिन राज्य की अफसरशाही पूरी तरह से मुख्यमंत्री की योजनाओं को अमली जामा नहीं पहना पा रही है।
हालांकि मध्यप्रदेश में भाजपा की राजनैतिक स्थिति बेहतर है और यहां नेतृत्व परिवर्तन की कतई संभावना नहीं दिखाई देती है, लेकिन राज्य के विधानसभा चुनाव से पूर्व इस बात की संभावना है। फिर भी सोशल मीडिया में गुजरात की तर्ज पर एमपी में परिवर्तन के कयास जोरों से चलाये जा रहे हैं। नये नामों में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया , भाजपा के मालवाई क्षत्रप कैलाश विजयवर्गीय , नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम है, जो भविष्य में राज्य की कमान परिवर्तन की स्थिति में संम्हाल सकते हैं।
