मालवा। मध्यप्रदेश अजब है गजब है ऐसे ही नही बोला जाता है नए कारनामो के चलते मध्य प्रदेश अजब भी है और गजब भी है अब नया मामलाआगर मालवा में स्वास्थ्य विभाग का कारनामा सामने आया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियो ने कागजो में मृत महिला को दूसरा डोज लगा दिया। जबकि पहला टीका लगाने के बाद महिला की मई माह में ही मौत हो गई थी। जैसे ही परिजनों के पास वैक्सीन लगने का मैसेज पहुंचा तो परिजन हतप्रभ रह गए।
मृत महिला को लगाई वैक्सीन
आगर मालवा के छावनी की निवासी विद्यादेवी का 1 मई 2021 को जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया था। उनके पुत्र आशुतोष शर्मा ने उसी दिन उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया था। आशुतोष के अनुसार उनकी मां को निधन से पहले 8 मार्च को कोविशिल्ड का पहला डोज लगा था। पहले डोज लगने के बाद ही उनका निधन हो गया था। लेकिन गजब तो तब हो गया जब आशुतोष के मोबाईल पर मैसेज आया कि कोविशिल्ड का दूसरा टीका उनकी माताजी को लग चुका है। और वे प्रमाण पत्र ऑनलाईन डाउनलोड कर लें। मैसेज देख आशुतोष भी हैरान रह गए और जब प्रमाण पत्र डाउनलोड किया तो सरकारी गतिविधियों की खामियां भी सामने आ गईं।
आशुतोष ने कहा – फर्जी तरीके चलाया जा रहा वैक्सीन अभियान
आशुतोष ने कहा कि फर्जी तरीके से वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। जिसकी जांच होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि और लोगों के साथ ऐसा हुआ हो। सुत्रों के अनुसार यदि वैक्सीनेशन अभियान के दौरान की गई एंट्री की वास्तविक जांच की जाए तो कई तरह के खुलासे हो सकते हैं। विद्यादेवी शर्मा के नाम से दूसरा डोज लगाए जाने का मामला सामने आने से वैक्सीनेशन अभियान की वास्तविकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि महाअभियान के दौरान दर्ज किए गए आंकड़ो की बाजीगरी की जांच की जाए तो कई तरह के खुलासे हो सकते हैं।
आंकड़े बढ़ने पर उठ रहे सवाल
दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश में 80 फीसदी वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज (Vaccine First Dose) लगाने का लक्ष्य हासिल (Mp Government vaccination target) कर लिया है. शुक्रवार को ही देश में टीकाकरण के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2.23 करोड़ टीके लगाने का दावा भी हुआ. करीब ढाई महीने पहले ही मध्य प्रदेश टीकाकरण के मामले में देश में सातवें स्थान पर था, जो अब आंकड़ों के हिसाब से दूसरे स्थान पर आ गया है. जिस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, उससे आंकड़े को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
