पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के नए द्वार, अब जापान सहित अन्य देशों में भी मिलेगी नौकरी


शिवपुरी। मध्यप्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कैबिनेट ने ‘पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना–2022’ में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी देते हुए इसे नया स्वरूप प्रदान किया है। अब यह योजना ‘अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिये विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2026’ के नाम से संचालित की जाएगी।

सरकार ने इस योजना के अंतर्गत जापान के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। विभिन्न मान्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। योजना के तहत प्रतिवर्ष पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में युवाओं को केवल टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत जापान भेजा जाता था।

पात्रता के प्रमुख मापदंड

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य होगा। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का नॉन-क्रीमीलेयर जाति प्रमाण-पत्र आवश्यक रहेगा। प्रशिक्षण चयन के समय आयु सीमा 17 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि विदेश में नौकरी जॉइन करते समय न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूर्ण होना जरूरी होगा। आवेदक के विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज या विचाराधीन नहीं होना चाहिए। संबंधित ट्रेड अथवा कौशल के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता भी अनिवार्य होगी।

महिलाओं और दिव्यांगजनों को विशेष प्रोत्साहन

योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं तथा 6 प्रतिशत सीटें दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित की गई हैं। प्रति चयनित युवा पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक का प्रशिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय होगा। यदि हॉस्टल सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो प्रशिक्षुओं को 2,000 रुपये प्रतिमाह किराया भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा सर्टिफिकेशन परीक्षा के प्रथम प्रयास की फीस भी संस्था द्वारा वहन की जाएगी।

12 माह का समग्र प्रशिक्षण

युवाओं को कुल 12 माह का समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें सॉफ्ट स्किल्स, डोमेन-स्पेसिफिक स्किल्स और संबंधित देश की विदेशी भाषा का प्रशिक्षण शामिल रहेगा। योजना के वित्तपोषण के लिए बजट प्रावधानों के साथ-साथ सोशल इम्पैक्ट बॉण्ड (SIB) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का भी उपयोग किया जाएगा।

यह योजना प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

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