गुलाबपुरा-श्वेत पिच्छाचार्य विद्यानंद जी महाराज का समतापूर्वक उत्तम समाधि मरण होने पर दिगंबर जैन समाज ने विनयांजली दी। दिल्ली में कुंद कुंद भारती से महामुनिराज की अंतिम महाप्रयाण यात्रा निकाली। आचार्य ब्रह्म मुर्हूत में उत्तम समाधिमरण होने की सूचना पर जैन समाज ने उनकी स्मृतियों का स्मरण किया।
आचार्य ने पहली बार मंगल विहार करते हुए 29 अप्रैल 1979 को गुलाबपुरा में प्रवेश किया था। आचार्य ने कोठियां व शाहपुरा की ओर विहार किया। आचार्य हिमालय की ओर पद विहार करने वाले पहले दिगंबर जैन साधु थे। विश्व धर्म प्रेरक ने मंगल विहार के दौरान ओजपूर्ण प्रभावक कल्याणकारी वाणी से उपदेश दिया था। इसके साथ भगवान महावीर स्वामी के 2500वें निर्वाण कार्यक्रम के आद्य नियोजक व प्रेरक थे।
आचार्य दूसरी बार दिल्ली से विहार करते हुए गुलाबपुरा जनवरी 1988 में आए थे। उन्होंने जैन छात्रावास में प्रवचन दिए थे। दिगंबर जैन समाज उपाध्यक्ष मांगीलाल सेठी ने बताया कि दूसरी बार विहार करते हुए आए तब सुपर मिल में प्रवास के दौरान केशलौच किया था। प्रथम बार 1979 व 1988 में आगमन के समय समाज के वरिष्ठ जन आदि मौजूद थे।
गुलाबपुरा. श्वेत पिच्छाचार्य विद्यानंद वर्ष 1988 में दूसरी बार गुलाबपुरा आ ए ताे जैन छात्रावास में धर्मसभा की। (फाइल फोटाे)
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

