मंदिर निर्माण के बजाय बालिकाओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास बनाएं: मुनि श्री सुधा सागर जी




बिजोलिया-दिगंबर जैन महिला महासमिति के राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन रविवार काे पार्श्वनाथ तपोदय तीर्थ पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज  के सानिध्य में  हुआ । कार्यक्रम की शुरूआत सुबह 6 बजे बजे जुलूस से हुई। तीर्थ क्षेत्र में महासमिति ने शांतिधारा कराई। बिजौलिया महिला मंडल ने मंगलाचरण के बाद डाॅ. नीलम जैन पूना ने सम्मेलन को संबोधित किया। महासमिति ने पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र कमेटी तथा पुण्यार्जक आरके मार्बल परिवार का सम्मान किया।
देशभर से आई महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए मुनि श्री  सुधासागर जी महाराज  ने कहा कि किसी भी बुराई को मिटाने के लिए सकारात्मक व नकारात्मक दोनों तरह के प्रयास करने होंगे। नकारात्मक प्रयासों में हम उस बुराई का विरोध व निंदा करते हैं, लेकिन केवल निंदा से किसी बुराई का अंत नही हो सकता है। जैन समाज में प्री-वेडिंग शूट को यदि खत्म करना है तो हमें नई पीढ़ी को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना होगा। उन्होंने महिला समिति से आह्वान किया कि आप मंदिर निर्माण के बजाय बालिकाओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास बनाने का संकल्प लें। मंदिरों में किसी युवा को सुधारा नहीं जा सकता क्योंकि वह मंदिर आता ही नहीं है। इसलिए उन स्थानों को पावन बनाओ जहां आज की युवा पीढ़ी रहती है। इसके लिए समाज को चाहिए कि वे हर जिला मुख्यालय पर छात्रावास बनाएं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि यदि आपके परिवार में कोई रात्रि भोजन करता है, अभक्ष्य चीजों का सेवन करता है तथा बिना मंदिर जाए भोजन करता है तो परिवार में विद्रोह कर दो। यदि मां बचपन से ही बच्चों को संस्कारित करेंगी तो ही परिवार और समाज सुधर सकता है। महिला महासमिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष शीला डोरिया, परम संरक्षक सुशीला पाटनी ने उत्कृष्ट कार्य वाली समितियों को पुरस्कार दिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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