वर्ष 2000 मे आदर्शमति माताजी संघ का वर्षायोग
आचार्य गुरुवर विधा सागर जी महाराज की आशीष इतनी बरसी की वर्ष 2000 मे आर्यिका श्री 105 आदर्शमति मति माताजी संघ का वर्षायोग हुआ जो अनेक कीर्तिमानों को छु गया जिसके अंतर्गत चार माह तक धर्म की मेह बरसी जिसमे दो बड़े महामण्डल विधान हुये उनमे त्रिलोक महामण्डल विधान प्रमुख सुर्ख़ियो मे रहा इस विधान मे प्रतिष्ठाचार्य के रूप मे प्रख्यात पंडित श्री जय कुमार जी निशांत रहे इस आयोजन मे आचार्य श्री की विशेष पूजन आकर्षण का केंद्र रही वही आर्यिका माताजी व समस्त संघ द्वारा आचार्य श्री का गुणानुवाद सभी के लिए गद्गद कर देने वाला था वही यह वर्षायोग यही तक सीमित नहीं रहा और शिखर तक जाना था अन्य धर्मालंबी भी इस आयोजन मे अछूते नहीं रहे नगर के पमुख मार्गो पर आर्यिका माताजी के प्रवचन व आदर्श विधा मंदिर मे भी माताजी के मांगलिक उपदेश हुये वही नगर की प्रमुख संस्था GRAIN AND SEEDS MERCHANT ASSOCIATION द्वारा कृषि उपजमंडी मे प्रवचन पमुख रहा
भाग्योंदय का प्रथम प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर
रामगंजमंडी नगर मे इस वर्षायोग ने एक शिखर छुआ जब पर्युषन पर्व के उपरांत DR रेखा दीदी जो उस समय सागर मे D S P के पद पर कार्यरत थी उंनके निर्दशन मे भाग्योंदय सागर अस्पताल तत्वधान मे प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर आहूत हुआ जो 15 दिन तक चला इसके पुण्यार्जक भामाशाह श्री धापूबाई कस्तूरचंद जी सुरेशचंद जी बाबरीया रहे वही इसके अंतर्गत विकलांगों को CALIPER दिये गये जिसके पुण्यार्जक श्री चेतन जी बागड़िया रहे
गोशाला की दी प्रेरणा और पिच्छी परिवर्तन मुख्य रहा
आर्यिका आदर्शमति माताजी द्वारा गोक्षाला की प्रेरणा दी जिसे उस समय के राजस्थान सरकार के मंत्री श्री रामकिशन वर्मा द्वारा पूरा करने का भरोसा दिया जो आज नगर के प्रमुख लोगो द्वारा संचालित है वही माताजी का पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा जिसे अशोकनगर से आयी टीम ने चार चाँद लगा दिये
इतिहास के पन्नो पर अंकित वर्षायोग उपरांत विहार
आर्यिका 105 आदर्शमति माताजी का चातुर्मास उपरांत जो विहार हुआ वैसा विहार आज भी अंकित है माताजी संघ को सभी ने भीगी पलको से विदाई दी जिनमंदिर से लेकर कमल फिलिंग तक उड़ चला पंछी रे रोको रे रोको इनको विहार से गूंज सुनायी दी सभी की पलके भीगी हुयी थी आदर्शमति माताजी का नगर का अंतिम प्रवचन कमल फिलिंग पर हुआ जिसमे माताजी द्वारा समाज द्वारा की गयी धर्म प्रभावना की सराहना की भविष्य मे धर्म व्रद्धि की आशीष दी
आचार्य गुरुवर विधा सागर जी महाराज की आशीष इतनी बरसी की वर्ष 2000 मे आर्यिका श्री 105 आदर्शमति मति माताजी संघ का वर्षायोग हुआ जो अनेक कीर्तिमानों को छु गया जिसके अंतर्गत चार माह तक धर्म की मेह बरसी जिसमे दो बड़े महामण्डल विधान हुये उनमे त्रिलोक महामण्डल विधान प्रमुख सुर्ख़ियो मे रहा इस विधान मे प्रतिष्ठाचार्य के रूप मे प्रख्यात पंडित श्री जय कुमार जी निशांत रहे इस आयोजन मे आचार्य श्री की विशेष पूजन आकर्षण का केंद्र रही वही आर्यिका माताजी व समस्त संघ द्वारा आचार्य श्री का गुणानुवाद सभी के लिए गद्गद कर देने वाला था वही यह वर्षायोग यही तक सीमित नहीं रहा और शिखर तक जाना था अन्य धर्मालंबी भी इस आयोजन मे अछूते नहीं रहे नगर के पमुख मार्गो पर आर्यिका माताजी के प्रवचन व आदर्श विधा मंदिर मे भी माताजी के मांगलिक उपदेश हुये वही नगर की प्रमुख संस्था GRAIN AND SEEDS MERCHANT ASSOCIATION द्वारा कृषि उपजमंडी मे प्रवचन पमुख रहा
भाग्योंदय का प्रथम प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर
रामगंजमंडी नगर मे इस वर्षायोग ने एक शिखर छुआ जब पर्युषन पर्व के उपरांत DR रेखा दीदी जो उस समय सागर मे D S P के पद पर कार्यरत थी उंनके निर्दशन मे भाग्योंदय सागर अस्पताल तत्वधान मे प्राक्रतिक चिकित्सा शिविर आहूत हुआ जो 15 दिन तक चला इसके पुण्यार्जक भामाशाह श्री धापूबाई कस्तूरचंद जी सुरेशचंद जी बाबरीया रहे वही इसके अंतर्गत विकलांगों को CALIPER दिये गये जिसके पुण्यार्जक श्री चेतन जी बागड़िया रहे
गोशाला की दी प्रेरणा और पिच्छी परिवर्तन मुख्य रहा
आर्यिका आदर्शमति माताजी द्वारा गोक्षाला की प्रेरणा दी जिसे उस समय के राजस्थान सरकार के मंत्री श्री रामकिशन वर्मा द्वारा पूरा करने का भरोसा दिया जो आज नगर के प्रमुख लोगो द्वारा संचालित है वही माताजी का पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा जिसे अशोकनगर से आयी टीम ने चार चाँद लगा दिये
इतिहास के पन्नो पर अंकित वर्षायोग उपरांत विहार
आर्यिका 105 आदर्शमति माताजी का चातुर्मास उपरांत जो विहार हुआ वैसा विहार आज भी अंकित है माताजी संघ को सभी ने भीगी पलको से विदाई दी जिनमंदिर से लेकर कमल फिलिंग तक उड़ चला पंछी रे रोको रे रोको इनको विहार से गूंज सुनायी दी सभी की पलके भीगी हुयी थी आदर्शमति माताजी का नगर का अंतिम प्रवचन कमल फिलिंग पर हुआ जिसमे माताजी द्वारा समाज द्वारा की गयी धर्म प्रभावना की सराहना की भविष्य मे धर्म व्रद्धि की आशीष दी
एक रिपोर्ट अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

