बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला हुआ है कि टिकट जीतने वाले दावेदार को ही दिया जाएगा। भले ही उम्र का आंकड़ा 75 के पार हो चुका है, ऐसे में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और बाबूलाल गौर जैैसे नेता भी चुनाव लड़ सकेंगे। हालांकि चुनाव लड़ना है या नहीं लड़ना ये फैसला खुद नेताओं पर छोड़ा गया है। बात मध्य प्रदेश की करें तो पार्टी का फैसला वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर के लिहाज से काफी अहम है, उम्र का हवाला देकर पहले मंत्री पद नहीं दिया गया। फिर विधानसभा चुनाव में भी बाबूलाल गौर की जगह कृष्णागौर को टिकट दे दिया गया। बाबूलाल गौर मान तो गए लेकिन उनके चुनाव लड़ने की इच्छा खत्म नहीं हुई, ऐसे में सवाल है कि अब एक बार फिर गौर पूरी मजबूती के साथ अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।
