राजनीतिक हलचल-मुरैना श्योपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस से युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय सिंह यादव के समर्थन में मुरैना श्योपुर के विधायक एवं वरिष्ठ नेता गण मैदान में उतरे हैं । मंत्री और विधायकों का तर्क है कि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय सिंह को प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए । संजय सिंह को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और ग्वालियर में कांग्रेस पार्टी को पिछले 15 साल से आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ बुलंद करते रहे हैं । पार्टी की ओर से मुरैना से विजयपुर पूर्व विधायक और मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत का नाम प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन रावत पूर्व पराजित चेहरा है जो लोकसभा और विधानसभा दोनों ही हार चुके हैं इसलिए सभी लामबंद होकर संजय सिंह के समर्थन में आये और उन्होंने आज भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर संजय को उम्मीदवार बनाये जाने की मांग पीसीसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ से की है।
मुरैना-श्योपुर लोकसभा क्षेत्र से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय सिंह यादव को कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने के समर्थन में मध्यप्रदेश सरकार केबिनेट मंत्री लाखन सिंह यादव,सुमावली विधायक एंदल सिंह कंसाना , सबलगढ़ विधायक बैजनाथ कुशवाह ,विधायक बाबू जंडेल , पूर्व सांसद बाबूलाल सौलंकी ,युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक कुणाल चौधरी ,मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने साथ में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी से सौजन्य भेंट की ।
कौन है संजय सिंह-आपको बताते चले कि संजय सिंह यादव ( किरार ) मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे है और वर्तमान में ग्वालियर लोकसभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और राहुल गांधी की युवा कांग्रेस की टीम में राष्ट्रीय सचिव है । संजय सिंह की पत्नी उपासना यादव ग्वालियर नगर निगम में पार्षद है । संजय सिंह राहुल गांधी के कितने करीबी माने जाते हैं इस बात का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें कई प्रदेशों के चुनावों में प्रभारी बनाया गया । गुजरात चुनाव में राहुल की सभाओं की जिम्मेदारी संजय सिंह ने बखूबी निभाई तभी तो संजय सिंह राहुल गांधी ने कई दफ़ा चाय पर बुलाया है । संजय सिंह के साथ अंचल की पूरी युवा कांग्रेस टीम तो है इसके अलावा किरार जाति के ढाई लाख वोट का समर्थन संजय को मिल सकता है तथा साथ ही ओबीसी चेहरे के अलावा युवा चेहरा जनता के बीच कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम कर सकता है ।
