कोटा-दिगंबर जैन मंदिर विज्ञान नगर में गुरुवार को धर्मसभा का आयोजन हुआ। यहां आर्यिका सोम्यनंदनी माताजी ने कहा कि धर्म को जीवन में धारण करने से ही व्यक्ति का कल्याण संभव है। अष्टान्हिका महापर्व में धर्म ग्रहण करने का उत्तम अवसर होता है। अतः पर्व अवसरों में देवशास्त्र व गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा को जागृत करते हुए मन को संयमित करें। इससे तीव्र कर्मों का बंध रुकता है। मनुष्य जीवन में ही धर्म अंगीकार करके उत्तरोत्तर वृद्धि करते हुए मोक्षमार्ग पर आगे बढ़ सकते है। यही सुखी होने का मार्ग है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी