बावनगजा -सिद्धक्षेत्र बावनगजा से शुक्रवार शाम मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज और विराट सागर जी महाराज ने मंगल विहार किया। ये 78 दिन बावनगजा में रुके और वार्षिक मेला के साथ देश का पहला 64 मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान कराने के साथ ही अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराए। महाराज श्री ने खरगोन जिले के ऊन स्थित पावागिरी सिद्ध क्षेत्र के लिए मंगल विहार किया है। बावनगजा ट्रस्टियों ने बताया महाराज ने शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे बावनगजा से मंगल विहार कर ग्वालबेड़ा स्थित चूलगिरी में रात्रि विश्राम किया।
शनिवार सुबह ऊन के लिए मंगल विहार करेंगे। महाराज के सानिध्य में बावनगजा में हुए धार्मिक अनुष्ठान सफल हुए। महाराज के विहार करने के पहले पूजन करने के साथ स्तुति की गई। बैंडबाजों के साथ महाराज का मंगल विहार मे बड़ी संख्या में बावनगजा में समाज के लोग मौजूद थे।
शनिवार सुबह ऊन के लिए मंगल विहार करेंगे। महाराज के सानिध्य में बावनगजा में हुए धार्मिक अनुष्ठान सफल हुए। महाराज के विहार करने के पहले पूजन करने के साथ स्तुति की गई। बैंडबाजों के साथ महाराज का मंगल विहार मे बड़ी संख्या में बावनगजा में समाज के लोग मौजूद थे।
प्रमाण सागर जी महाराज के शब्द अपनी सोच को सकारात्मक बनाना चाहिए। हताश नहीं होना चाहिए।
प्रमाण सागरजी महाराज ने कहा जब भी मन में हताशा के बादल छाने लगे, हमें अपने आप को स्थर रखना चाहिए। इससे प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए जब हमें ऐसा लगे की हम चारों तरफ से एक दम असहाय होने लगे है तो सबसे पहले हमें थोड़ा सकारात्मक सोचना शुरू करना चाहिए। ओरों की तुलना में हम कितने बेहतर है। जैसी स्थिति हमारी है। हमसे भी कई गए बीते लोग है। जो हमसे भी ज्यादा विशम परिस्थतियों के दौर से गुजरे हो। जिन्होंने हमसे भी ज्यादा मुश्किलों का सामना किया हो और उन परिस्थितियों को पार करके अपनी मंजिल तक पहुंचे हो। ऐसे लोगों से प्रेरणा लेकर हताशा को दूर किया जा सकता है। हमें अपने मन को आशावादी रखना चाहिए। अपनी सोच को सकारात्मक बनाना चाहिए। हताश नहीं होना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
