सिलोर-शीलोदय तीर्थ क्षेत्र में रविवार को मुनि पुंगव सुधासागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि कभी अभिशाप मत लेना। दिए हुए अभिशाप से मुक्त हो सकते हो, लेकिन लगे हुए अभिशाप से कभी मुक्त नहीं हो सकते। अपने बड़ों से सेवा मत करवाना।
बड़ों की सेवा करना, माता-पिता की ऋणी होकर मत करना। माता-पिता का हिसाब कभी चुकता नहीं हो सकता। माता-पिता अपनी संतान के लिए बहुत कुछ करते हैं। संतान के लालन-पालन के लिए खर्च करते हैं। बदले में पुत्र को भी हिसाब चुकता करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि माता से कपड़े धुलवाएगा वह अगले जन्म में धोबी बनेगा। अपने कपड़े धुलवाने की वजह तुम खुद माता-पिता के कपड़े धोओं तो तुम्हें आशीर्वाद मिलेगा। माता-पिता की सेवा करोगे तो मंदिर जाने की आवश्यकता नहीं है। माता-पिता की सेवा तुम करोगे तो तुम्हें माता-पिता ही नहीं भगवान भी आशीर्वाद देंगे। उन्होंने कहा कि एक पिता दस बेटों का पालन-पोषण कर देता है। पर दस बेटे एक माता-पिता की सेवा नहीं कर पाते। भगवान सारे जगत को लालन-पालन कर रहा हैं। कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
बड़ों की सेवा करना, माता-पिता की ऋणी होकर मत करना। माता-पिता का हिसाब कभी चुकता नहीं हो सकता। माता-पिता अपनी संतान के लिए बहुत कुछ करते हैं। संतान के लालन-पालन के लिए खर्च करते हैं। बदले में पुत्र को भी हिसाब चुकता करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि माता से कपड़े धुलवाएगा वह अगले जन्म में धोबी बनेगा। अपने कपड़े धुलवाने की वजह तुम खुद माता-पिता के कपड़े धोओं तो तुम्हें आशीर्वाद मिलेगा। माता-पिता की सेवा करोगे तो मंदिर जाने की आवश्यकता नहीं है। माता-पिता की सेवा तुम करोगे तो तुम्हें माता-पिता ही नहीं भगवान भी आशीर्वाद देंगे। उन्होंने कहा कि एक पिता दस बेटों का पालन-पोषण कर देता है। पर दस बेटे एक माता-पिता की सेवा नहीं कर पाते। भगवान सारे जगत को लालन-पालन कर रहा हैं। कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
