दिल्ली-लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ने के कुछ देर बाद ही वे उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गईं। प्रियंका के मुताबिक जिन लोगों ने मेरे खिलाफ अभद्रता की उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया और तर्क दिया गया कि अभी चुनाव में सबकी जरूरत है। उसी दिन मैंने तय कर लिया कि इस अपमान के बाद मुझे इस पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए। बता दें कि इससे पहले इस्तीफा देने के लिए प्रियंका ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक पत्र लिखा था।
क्या बोलीं प्रियंका: कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल होने वाली प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मैं मुंबई में ही पली बढ़ी हूं लेकिन कुछ दिनों से मुंबई से कट गई थी हालांकि अब मैं वापस यहां से जुड़ना चाहती हूं। ऐसे में मैंने लौटने का मन बनाया तो शिवसेना के अलावा कोई और संगठन समझ में नहीं आया। इस दौरान प्रियंका ने अपने साथ हुई अभद्रता का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपियों को दोबारा वापस कांग्रेस में लेने से मुझे दुख हुआ है।
क्या बोलीं प्रियंका: कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल होने वाली प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मैं मुंबई में ही पली बढ़ी हूं लेकिन कुछ दिनों से मुंबई से कट गई थी हालांकि अब मैं वापस यहां से जुड़ना चाहती हूं। ऐसे में मैंने लौटने का मन बनाया तो शिवसेना के अलावा कोई और संगठन समझ में नहीं आया। इस दौरान प्रियंका ने अपने साथ हुई अभद्रता का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपियों को दोबारा वापस कांग्रेस में लेने से मुझे दुख हुआ है।
कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर दिया ये जवाब: प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मथुरा से मैंने टिकट भी नहीं मांगा था। मथुरा मेरे परिवार, माता-पिता वहां से आते हैं, घर भी हैं, जुड़ाव भी हमेशा रहेगा लेकिन मैंने टिकट नहीं मांगा था। उन्होंने कहा कि आज महिला होने के नाते मैं आत्मसम्मान की बात नहीं करती हूं लेकिन दुख तब हुआ जब खुद ही पार्टी के कुछ लोगों ने टिप्पणी की। सस्पेंड करने के बाद कार्यकर्ताओं को बहाल कर दिया। एक महिला जिसने 10 साल कार्य किया, मैं दिल से सेवा भाव से कर रही थी। ये सही नहीं है, मैं टिकट के लिए आशा कर रही थी। पर कभी मेरे दिमाग में कोई डाउट नहीं था। यह कारण नहीं है, कारण महिलाओं की शक्तिकरण की बात करते हैं तो पालन भी करना चाहिए। आप घर में सैक्सुअली शोषण होता हैं, मां को आप कहते हैं तो वो मामले को दबाने के लिए कहती है तो आप क्या करेंगे?
