ऊन-संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य व शंका समाधान प्रणेता मुनिश्री प्रमाणसागर जी व मुनिश्री विराटसागरजी महाराज का गुरुवार सुबह 8 बजे जैन सिद्धक्षेत्र पावागिरी में मंगल प्रवेश हुआ।
ट्रस्ट कमेटी सदस्यों ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। मुनि संघ ने क्षेत्र के मंदिरों के दर्शन कर इतिहास की जानकारी दी। पहाड़ी स्थित अति प्राचीन मंदिरों की प्रतिमाओं व दिव्य कलाकृति देखकर अभिभूत हुए। पंच पहाड़ी स्थित स्वर्ण भद्रादी मुनियों व महावीर भगवान की नवीन प्रतिमाओं के दर्शन किए। स्वर्ण कांच मंदिर के काम को सराहा। आहारचर्या में खरगोन, भीकनगांव, सनावद, जमशेदपुर व ऊन के श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
शाम 4 बजे पावागिरी में शंका समाधान कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रश्न रखे। एक प्रश्न के जवाब में मुनिश्री प्रमाणसागरजी ने कहा प्रतिकूल परिस्थिति में भी मनुष्य को धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि समय कभी भी एक जैसा नहीं रहता है। अभी सुबह है, दोपहर होगी, फिर रात का अंधेरा छाएगा। लेकिन सुनहरा प्रभात आने पर फिर निर्मल किरणें आपका स्वागत करेगी। सभी को अपने इष्ट का स्वाध्याय व धार्मिक प्रभावना नहीं छोड़ना चाहिए। शाम को मुनि संघ का खरगोन की ओर विहार हुआ। शुक्रवार सुबह 8 बजे खरगोन में मंगल प्रवेश होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
ट्रस्ट कमेटी सदस्यों ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। मुनि संघ ने क्षेत्र के मंदिरों के दर्शन कर इतिहास की जानकारी दी। पहाड़ी स्थित अति प्राचीन मंदिरों की प्रतिमाओं व दिव्य कलाकृति देखकर अभिभूत हुए। पंच पहाड़ी स्थित स्वर्ण भद्रादी मुनियों व महावीर भगवान की नवीन प्रतिमाओं के दर्शन किए। स्वर्ण कांच मंदिर के काम को सराहा। आहारचर्या में खरगोन, भीकनगांव, सनावद, जमशेदपुर व ऊन के श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
शाम 4 बजे पावागिरी में शंका समाधान कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रश्न रखे। एक प्रश्न के जवाब में मुनिश्री प्रमाणसागरजी ने कहा प्रतिकूल परिस्थिति में भी मनुष्य को धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि समय कभी भी एक जैसा नहीं रहता है। अभी सुबह है, दोपहर होगी, फिर रात का अंधेरा छाएगा। लेकिन सुनहरा प्रभात आने पर फिर निर्मल किरणें आपका स्वागत करेगी। सभी को अपने इष्ट का स्वाध्याय व धार्मिक प्रभावना नहीं छोड़ना चाहिए। शाम को मुनि संघ का खरगोन की ओर विहार हुआ। शुक्रवार सुबह 8 बजे खरगोन में मंगल प्रवेश होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
