केकड़ी-बोहरा कॉलोनी में चल रहे पंच कल्याणक महोत्सव के दौरान सुधासागर जी महाराज ने तप कल्याणक महोत्सव मे दीक्षा के उपरांत तीर्थंकर मुनि रूप में मौनपूर्वक घोर तपस्या करते हैं। जब संयम, तप और ध्यान की पराकाष्ठा पर पहुंचते हैं तब वे शुक्ल ध्यान के माध्यम से चार घातियां कर्मों का नाश कर अनंत चतुष्टय रूप लक्ष्मी को प्राप्त करते हैं। जो गहराई में उतर जाता है वह अनमोल मोतियों को पा जाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
