अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं : आचार्य विमदसागर जी



साबला-पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य विमद सागर जी महाराज  ने कहा कि अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने दान और धर्म का महत्व बताया। वे शनिवार को को धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दान करना मनुष्य का कर्तव्य है। दान में भी मुनिराज को आहार दान देना सर्वश्रेष्ठ दान की श्रेणी में आता है। इससे कभी भी आप संकट में नहीं पाएंगे। गुरु की सेवा नहीं की तो आपका समय व्यर्थ है। ध्यान रखना अगर आपके बच्चे गुरु के पास नहीं आए और गुरु की सेवा नहीं करें तो वह आपकी सेवा नहीं करेंगे अगर आप बच्चों को मंदिर नहीं लाओगे तो बच्चे आपको भी बुढ़ापे में मंदिर नहीं ले जाएंगे। उन्हें संस्कार देने की
           संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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