रामगंजमंडी के युवक द्वारा हथकरधा पर पुस्तक लेखन का कार्य जारी,देश व दुनिया को बताएंगे हथकरधा के वस्त्रों का महत्व




रामगंजमंडी- आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से हथकरधा केंद्र का संचालन देश मे किया जा रहा है हथकरधा का मतलब हाथ से बने हुए वस्त्रों का उपयोग लोग करे जिसे रोजगार भी बढ़ेगा एव स्वदेशी वस्त्रों लोगो को पसंद आने लगेंगे।
ऐसा ही काम रामगंजमंडी निवासी प्रणेश जैन चार्टेड अकाउंटेंट पिता नरेंद्र जी जैन माता शारदा जैन (रावतभाटा वाले) जो वर्तमान में इंदौर में चार्टर्ड अकाउंटेंट है, ये आचार्य श्री द्वारा हथकरघा अपनाने के प्रयास को आगे बढ़ाने हेतु हथकरधा पुस्तक पर कार्य कर रहे है। इस पुस्तक के माध्यम से समाज को एकजुट होकर हथकरधा वस्त्र अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी सम्बन्ध में आचार्य श्री से पुस्तक पूर्ण करने हेतु मार्गदर्शन एवं आशीष प्राप्त किया है।
नगर का किया नाम रोशन -आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अनुसार भारत देश में हथकरघा को बढ़ा कर अहिंसा से निर्मित वस्त्र का प्रयोग करना चाहिये । आचार्य श्री के आशीर्वाद से अनेक हथकरधा केंद्र खोले जा चुके एवं  कितने ही लोग रोजगार भी पा रहे है । इस पहल में अपना योगदान देते हुए रामगंजमण्डी नगर के सीए प्रणेश जैन हथकरधा पर एक पुस्तक का निर्माण कर रहे है। इस हेतु उन्होंने आचार्य श्री को पुस्तक के कुछ अंश प्रदान किये । अभी इस पर प्रणेश जैन कार्य कर रहे, जिसकी आचार्य श्री ने भरपूर सराहना की। प्रातःकालीन आचार्य श्री प्रवचन के समय भी प्रणेश जैन ने अपनी पुस्तक के बारे मे मंच से बताया ।

आचार्य श्री से नरेंद्र जी शारदा जी ने रामगंजमंडी में संघ का वर्षायोग के लिए आग्रह किया एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। निश्चित रूप से यह नगर के लिये गौरव का विषय है, मैं स्वयं प्रणेश जैन के कार्य की सराहना करता हूँ।
   एक रिपोर्ट अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी।

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