बीना-कच्चा रोड स्थित सुपार्ष्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के शुभारंभ की पूर्व बेला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रयोगसागर जी महाराज ने कहा कि ईर्ष्या व द्वेष दिल का दिवालियापन है।
ईर्ष्या गुणों को देख नहीं सकती, ग्रहण नहीं कर सकती। ईर्ष्या दूसरों पर वार करती है और अपना संहार करती है। ईर्ष्या व द्वेष आत्मा के लिए अहितकर व आत्म विकास में बाधक हैं। ईर्ष्या व द्वेष से आत्मा में रहे हुए स्वाभाविक गुणों पर पर्दा पड़ जाता है। जिससे कई बार मनुष्य का विवेक खो जाता है और न करने जैसे कार्य कर बैठता है अथवा नहीं कहने जैसी बात कह देता है। परिणाम स्वरूप कटुता का वातावरण बन जाता है।
मुनिश्री ने कहा कि वैसे तो प्राणी मात्र के जीवन में ईर्ष्या व द्वेष के संस्कार अनादिकाल से रहे हुए हैं, कहीं कम कहीं अधिक जिससे सर्वथा मुक्त होने की आवश्यकता है। प्रायः देखा जाता है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के स्वभाव में ईर्ष्या की प्रवृत्ति अधिक होती है। मानव के अतिरिक्त अन्य प्राणियों में भी ईर्ष्या द्वेष की प्रवृत्ति होती है। परंतु वे अपने परिचितों के साथ ऐसा नहीं करते जबकि मानव अपनों से भी ईर्ष्या करता है। मुनिश्री ने कहा कि जहां एक-दूसरे के स्वार्थ टकराते हैं वहां ईर्ष्या द्वेष की भावना पनपने लगती है। वैसे तो छोटे बच्चों में भी पूर्व के संस्कारों के कारण स्वार्थ व ईर्ष्या के लक्षण दिखाई देते हैं। जब वे किसी वस्तु के लिए आपस में लड़ते हैं अथवा कभी कोई मां दूसरे बच्चे को प्यार से गोद में ले लेती है तो स्वयं का बच्चा रूठने लगता है, उस बच्चे से ईर्ष्या करने लगता है। क्षण भर पश्चात ही बच्चे फिर आपस में खेलने लग जाते हैं । परंतु यह सहज प्रवृत्ति है जो बड़ों में आना कठिन है। मुनिश्री ने कहा कि जब किसी व्यक्ति से झगड़ा हो जाता है, वैर की भावना बन जाती है। तब उस व्यक्ति को आर्थिक, पारिवारिक अथवा शारीरिक हानि पहुंचाने की इच्छा जगती है। उस पर झूठा आरोप मढ़कर उसे बदनाम करने की इच्छा जाग्रत होती है। पाप-पुण्य, धर्म के विचार भी नहीं आते। वर्तमान जीवन के अनर्थों का विचार भी नहीं आता।
सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ आज, निकलेगी घटयात्रा- सुपार्ष्वनाथ दिगबंर जैन मंदिर में मुनिश्री पवित्र सागर जी महाराज एवं मुनिश्री प्रयोग सागर जी महाराज के सानिध्य एवं बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी के मार्गदर्शन में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन आज से शुरू होगा। अशोक शाकाहार ने बताया कि 25 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलने वाले इस विधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज बुधवार को पात्र चयन एवं घटयात्रा निकाली जाएगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

