श्रद्धालुओं से अपील:14 अप्रैल तक मधुबन नहीं आएं

मधुबन-उपायुक्त ने मधुबन क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उपायुक्त ने मधुबन में स्थित यात्री निवास, उप स्वास्थ्य केंद्र, कचरा डम्पिंग स्थल आदि की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया गया। इसके अलावा मधुबन गेस्ट हॉउस में उपायुक्त की अध्यक्षता में कोरोना के बचाव एवं रोकथाम क ेलिए विभागों के पदाधिकारियों तथा मंदिर के प्रबंधक, कोठियों के प्रबंधक, सचिव के साथ बैठक की। इस दौरान नोवेल कोरोना वायरस के विषय पर चर्चा की गई की। कहा 14 अप्रैल तक कोई भी पर्यटक या यात्री मन्दिर नहीं आएं। इसके लिए सभी संस्था के प्रबंधक एवं सचिव लोगों को सूचित करेंगे।
मधुबन क्षेत्र के आस पास के क्षेत्रों का जल्द होगा सौंदर्यीकरण
उपायुक्त द्वारा मधुबन क्षेत्र में स्थित यात्री निवास का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ-सफाई के साथ इसके सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द से जल्द दुरुस्त कर लें। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेहतर योजना बनाकर कार्य किया जाए। इसके अलावा साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यात्री सुविधा केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। जहां पर डोली मजदूरों का निबंधन एवं डोली बुकिंग किया जाएगा। साथ ही 4000 मजदूरों के आईडी कार्ड बनेगा। जिसका चरित्र सत्यापन संबंधित थाना से देने के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा। पारसनाथ स्वच्छता समिति द्वारा बताया गया कि पर्यटक मद से जो भी उन्हें सामग्री उपलब्ध कराई जानी थी वह उन्हें उपलब्ध करा दी गई है।
मंदिर के संचालकों के साथ उपायुक्त ने की बैठक
इसके अलावा उपायुक्त द्वारा कोरोना वायरस के बचाव एवं रोकथाम के लिए बैठक की गई। इस दौरान उपायुक्त ने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस जैसी बीमारी पूरे वैश्विक स्तर पर फैल चुका है। लेकिन अभी तक झारखंड राज्य में एवं गिरिडीह जिले में कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव केलिए पूरी तैयारी कर ली गई।
सभी सिनेमा हॉल, मॉल, विद्यालय, कोचिंग संस्थान, पार्क आदि को बंद भी कर दिया गया है। लेकिन पारसनाथ एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। जहां विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। इसलिए पारसनाथ में कोरोना की आशंकाएं बढ़ जाती है। क्योंकि बाहर से आने वाले तीर्थयात्री के संपर्क में आने से यहां के लोकल लोग भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। इसीलिए मधुबन क्षेत्र में पारसनाथ तीर्थ स्थान को एक महीने के लिए बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बंद किया जाता है। ताकि यहां के लोकल लोग बाहर से आने वाले व्यक्तियों के संपर्क में आने से प्रभावित ना हो। इसके अलावा उपायुक्त ने केविड 19 को लेकर काफी विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करें। भ्रामक एवं अफवाह से दूर रहें। आज के समय में हर एक व्यक्ति सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है इसलिए हम लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहतर कार्यों के लिए कर सकते हैं। कोरोना वायरस से जुड़ी हुई जानकारी को सोशल मीडिया के माध्यम से भी शेयर करें एवं अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें।
सभी को मास्क की आवश्यकता नहीं
आपको सांस लेने में कोई समस्या है या आपको सर्दी, जुकाम, सुखी खांसी तथा बदन दर्द है तो तुरंत इलाज शुरू कराएं। मास्क का इस्तेमाल करें। कोई व्यक्ति मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे सही ढंग से पहनना एवं इनका सही ढंग से इस्तेमाल करना चाहिए। ताकि इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। मास्क के साथ साथ स्वच्छता एवं सावधानी बरतना भी जरूरी है। साफ सफाई पर ध्यान देना, घर को नियमित साफ रखना, शरीर के अंगों को बार-बार ना छूना तथा हाथ धोते समय साबुन या सेनिटाइजर का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। आपको कोरोना वायरस का कोई भी लक्षण पाया जाता है तो लापरवाही ना करते हुए तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में इलाज शुरू कराएं इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति का इलाज कर रहे चिकित्सक कर्मियों को भी मास्क पहनने की आवश्यकता है।
होटल में साबुन एवं सैनेटाइजर रखने का निर्देश
हाथ धोते समय साबुन एवं सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें तथा स्वच्छता एवं साफ सफाई का ध्यान रखें। उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि अभी तक कोरोना वायरस का कोई वैक्सिन नहीं बन पाया है। इस महामारी से बचाव एवं रोकथाम केलिए सबसे जरूरी है स्वच्छता एवं सतर्कता। इसके अलावा साफ सफाई के साथ बार-बार अच्छे तरीके से हाथ धोएं, खांसते एवं छींकते समय रूमाल या टिशू पेपर का इस्तेमाल करें। छोटी-छोटी गलतियां करने से बचें। सावधानी बरतें एवं अनावश्यक यात्रा करने से बचें। ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। ताकि इस महामारी से बचा जा सके। इसके अलावा उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ सभी मंदिर प्रबंधक, कोठियों के संचालक से अपील करते हुए कहा गया कि सभी अपने अपने स्तर से जागरूकता फैलाने का कार्य करें। मधुबन क्षेत्र में स्थित होटलों के प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि साफ सफाई के साथ विशेष सतर्कता बरतें। होटल में साबुन एवं सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
उपायुक्त द्वारा मधुबन क्षेत्र में स्थित यात्री निवास का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ-सफाई के साथ इसके सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द से जल्द दुरुस्त कर लें। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेहतर योजना बनाकर कार्य किया जाए। इसके अलावा साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यात्री सुविधा केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। जहां पर डोली मजदूरों का निबंधन एवं डोली बुकिंग किया जाएगा। साथ ही 4000 मजदूरों के आईडी कार्ड बनेगा। जिसका चरित्र सत्यापन संबंधित थाना से देने के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा। पारसनाथ स्वच्छता समिति द्वारा बताया गया कि पर्यटक मद से जो भी उन्हें सामग्री उपलब्ध कराई जानी थी वह उन्हें उपलब्ध करा दी गई है।
50 डिसमिल में बन रहे कचरा डंपिंग का भ्रमण किया। अंचलाधिकारी को डंपिंग क्षेत्र तक बाउंड्री वाल कराने का निर्देश दिया। ताकि कोई भी जानवर प्रवेश न करें । इसके अलावा मधुबन क्षेत्र में स्थित दीपक फॉउंडेशन द्वारा संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र का भी भ्रमण किया गया। उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर एवं एएनएम की उपलब्धता देखी गई। इसके अलावा दवा तथा मास्क की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। सर्दी खांसी जुकाम की दवाई उपलब्धता की भी जानकारी ली गई।
         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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