कोरोना" वायरस दे रहा करूणा का अमर संदेश

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 पारस जैन " पार्श्वमणि" पत्रकार कोटा  (राज)-एक छोटे से चीन के वायरस ने सम्पूर्ण विश्व के देशों को हिला कर रख दिया। यह बहुत बड़े सोचने विचारने का गंभीर  विषय है ।  भगवान महावीर स्वामी  ने सभी  जीवो से प्रेम व करुणा करो जीयो ओर जीने दो का संदेश दिया है। यदि हमे  एक छोटी सी चींटी भी हमे काटती है तो बड़ा दर्द होता है तो फिर किसी भी जीव को खाने से कितनी उस जीव को पीड़ा होती होगी यह कल्पना से बाहर है । आज जितने भी वेधय अवैद्यय  आधुनिक कत्लखाने है  उनमें रोज न जाने कितने जानवर मौत के घाट उतार दिए जाते है। जब इंसान ओर सरकार शासन प्रशासन उनकी पीड़ा सुनना बंद कर देता है तो फिर प्रकृति  ओर परमात्मा सुनते  है जब  ये  दोनों सुनते है  तो फिर प्राकृतिक अकाल, भुखमरी म,हामारी भूकम्प अतिव्रष्टि ,अनावर्ष्टि,  सुनामी, कारोना वायरस आता है।एक रिचर्स के अनुसार चीन में 112  प्रकार की प्रजातियों के जीवों को खाया जाता है ।चीन का बुहान महानगर अपने सीफूड बाजार के लिए बेहद विख्यात है इसी चीन के सीफूड मार्किट में मिलने वाले  चाईनीज कोबरा सांप है ।  इस कोबरा सॉप मेसे इस कोरोना वायरस का किसी इंसान में प्रवेश हुआ  है । यह अध्ययन   मेडिकल  बाईरोलॉजी  नामक वैज्ञानिक  जर्नल में प्रकाशित हुआ है । कोरोना वायरस से फैल रहे  निमोनिया की उत्पत्ति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है ।एक ओर वायरस के तुलनात्मक अध्ययन में यह पाया गया है कि  कोरोना वायरस चमगांदड में कीवी  के मेल से उत्पन्न हुआ है। हालांकि इसकी अन्य वायरस  प्रजातियो की उत्पत्ति अभी भी अज्ञात है  जो भी कारण रहा हो लेकिन आज यह विश्व मे फैलता जा रहा है। चीन को अपनी चपेट में लेने के बाद यह अन्य देशों में भी तेजी से फेल रहा है। 3600 से अधिक जाने चली गई ।भारत मे 47 लोग इसकी चपेट में आ गए । अब समय आ गया है
जो लोग मांसाहारी है उनको यह संदेश है कारोना से डरो सब जीवो करुणा करो शाकाहारी बनो। यही सर्वोत्तम आहार है। प्रकृति में रहे विकृति का त्याग करें। प्रकृति से प्राप्त अनमोल विरासत का सवर्धन सरक्षण करे।तभी विश्व की मानव जाति का जीवन खुशहाल हो पायेगा।

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