राजनीतिक हलचल- सूबे में इस समय हाई वोल्टेज पोलटिक्स चल रही है जिसका दूसरा नाम प्रेशर पॉलिटिक्स भी है,और हाल ही में गायब हुए विधायक और मंत्रियों में अधिकतर सिंधिया समर्थक ही है,जिनमे क्षेत्र से पोहरी विधायक सुरेश धाकड़ भी शामिल है । पूरे ड्रामे को सिंधिया की तरफ से पार्टी पर प्रेशर बनाने के लिए बताया जा रहा है, यदि कांग्रेस झुकती है तो सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे और को कांग्रेस सिंधिया को नज़र अंदाज करेगी तो फिर सिंधिया समर्थक भाजपा के साथ मिल सकते हैं और इतना ही नहीं भाजपा सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाने पर तैयार भी हो सकती है,या फिर यूँ माना जाए कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व राजी भी है,लंबे समय से भाजपा सिंधिया के खिलाफ बचते रहे है,माफ करो महाराज कहने वाली भाजपा को सिंधिया प्यारे लग रहे थे । मुखर रहने वाले भाजपा के बड़े बड़े नेता भी आजकल सिंधिया को महाराज कहकर संबोधित करते दिखे,ऐसा सोशल मीडिया पर साफ झंलक दिखाई दी ।
कुछ भी हो लेकिन इन सबके बाद जीतेंगे तो सिंधिया ही ।
