पोहरी। सुबह की पहली किरण के साथ ही पोहरी आज घने कोहरे की आगोश में नजर आया। चारों ओर फैली धुंध ने पूरे कस्बे को जैसे अपनी सफ़ेद चादर में लपेट लिया हो। सड़कें, खेत, पेड़-पौधे और मकान—सब कुछ कोहरे में विलीन सा दिखाई दिया। दृश्य ऐसा था मानो प्रकृति ने कुछ पल के लिए अपनी रफ्तार थाम ली हो।
कोहरे के बीच सूरज की हल्की-सी झलक वातावरण को और भी मनमोहक बना रही थी। ठंडी हवा के झोंके, शांत माहौल और कम दृश्यता ने सुबह को रहस्यमय लेकिन बेहद खूबसूरत बना दिया। राहगीरों और वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ गर्माहट और बातचीत का सहारा लेती दिखी।
ग्रामीण अंचलों में खेतों के ऊपर छाया कोहरा किसी चित्रकार की कूची से उकेरे गए दृश्य जैसा प्रतीत हुआ। सुबह की यह धुंध न सिर्फ मौसम में ठंडक घोल रही थी, बल्कि पोहरी की सुंदरता में भी चार चांद लगा रही थी।
घने कोहरे में लिपटा पोहरी आज प्रकृति के उस रूप को दिखा रहा था, जिसे देखकर हर कोई कुछ पल ठहर कर नजारा निहारने को मजबूर हो गया।