पोहरी। उपजेल पोहरी की सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार सुबह उस समय ध्वस्त होती नजर आई जब पॉक्सो एक्ट में बंद दुष्कर्म का आरोपी 14 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। आरोपी के फरार होते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई।
दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों में न्यायिक अभिरक्षा में बंद बादाम सिंह पुत्र मंगलिया शाक्य (35), निवासी घटाई, ने जेल परिसर में मौजूद आंवले के पेड़ के डंठल को दीवार में फंसाकर उसे सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया और 14 फीट ऊंची दीवार पार कर चंपत हो गया। सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी चूक के दौरान सुरक्षा में तैनात अमला क्या कर रहा था?
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र कुशवाह ने मोर्चा संभालते हुए अलग-अलग टीमें गठित कीं। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नाकेबंदी कर सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने ग्राम परीच्छा बमरा के खेतों में दबिश देकर आरोपी को फरारी के महज 6 घंटे के भीतर दबोच लिया। आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच पुनः उपजेल दाखिल किया गया।
घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए पोहरी जेलर सौरव वर्मा ने जेल प्रहरी सहीद खान को निलंबित कर दिया गया है। फरारी के संबंध में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि 20 फरवरी को 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब इस सनसनीखेज फरारी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को फिर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, लेकिन सुरक्षा में हुई चूक चर्चा का विषय बनी हुई है।